पीजीआई की मृत्यु प्रमाणपत्र शाखा के नजदीक लगे एचडीएफसी बैंक के एटीएम बूथ में बुधवार दोपहर को आग लग गई। आग से पूरा एटीएम जल गया, वहीं पास लगे एसबीआई के एटीएम तक भी आग पहुंच गई। केबिन में तैनात सुरक्षा गार्ड और पीजीआई के सुरक्षा कर्मी भी आग पर काबू नहीं पा सके। अग्निशमन यंत्र अपना काम नहीं कर सके। दमकल विभाग की टीम ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि एटीएम के अंदर कितनी राशि थी।
जानकारी के मुताबिक पीजीआई की मृत्यु प्रमाणपत्र शाखा के नजदीक एचडीएफसी और एसबीआई के एटीएम बूथ हैं। एचडीएफसी बैंक के एटीएम पर सिक्योरिटी गार्ड नहीं है जबकि दूसरे एटीएम पर सिक्योरिटी गार्ड अमन तैनात है। अमन ने पुलिस को बताया कि वह दोपहर करीब डेढ़ बजे अपने एटीएम केबिन में बैठा था। तभी निजी बैंक के एटीएम से ग्राहक निकासी करने आया। जैसे ही उसने केबिन का गेट खोला, अंदर से धुआं निकलता दिखाई दिया।
पहले तो अमन ने एटीएम के अंदर लगे अग्निशमन यंत्र से आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन वह सफल नहीं हो सका। कुछ ही देर में आग तेजी से फैल गई। अमन ने पीजीआई सिक्योरिटी और पुलिस को सूचना दी। कर्मचारियों ने पीजीआई के अंदर से अग्निशमन यंत्र लाकर आग बुझाने की कोशिश की लेकिन उस समय तक आग तेजी से फैल चुकी थी। सूचना मिलने पर दमक ल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। दमकल की गाड़ी ने करीब आधा घंटे बाद आग पर काबू पाया।
हालांकि जब तक सारा एटीएम जल गया था।
एचडीएफसी बैंक के एटीएम में लगी आग की लपटें साथ लगे एसबीआई के एटीएम तक भी पहुंच गईं। इससे एसबीआई के एटीएम का बाहरी हिस्सा भी जल गया। दमकल की गाड़ी समय पर पहुंचने के कारण दूसरे एटीएम के अंदर तक आग नहीं पहुंच सकी। हादसे के समय पीजीआई थाना एसएचओ मंजीत सहित और बैंक अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे।
मंगलवार को डाले थे एक लाख रुपये
पुलिस ने जब मामले में संबंधित बैंक के अधिकारियों से बात की तो पता चला कि एटीएम में मंगलवार शाम को ही एक लाख रुपये डाले गए थे। हालांकि पुलिस को अभी तक यह पता नहीं है कि हादसे के समय एटीएम में कितने रुपये थे। इस संबंध में बैंक के अधिकारियों ने मुंबई से अपने तकनीकी कर्मचारियों को बुलाया है। उनके आने के बाद ही सही रकम का पता चल सकेगा।
पुलिस का दावा, शार्ट सर्किट से लगी आग
पीजीआई थाना प्रभारी मंजीत ने बताया कि शार्ट-सर्किट के कारण हादसा हुआ है। किसी ने जान बूझकर एटीएम में आग नहीं लगाई है। हादसे से एक दिन पहले एटीएम में एक लाख रुपये डाले गये थे। बता दें कि पीजीआई थाना क्षेत्र में एटीएम में आग लगने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले रुपये डालने वाले कंपनी के कर्मचारियों ने मिलीभगत करके गांधी कैंप में एक एटीएम को आग लगा दी थी, ताकि लाखों पर हाथ मार सके। लेकिन बाद में पुलिस ने आरोपियोें को दबोच लिया था। आरोपियों ने भारी रकम भी बरामद की गई थी।