एमडीयू के खेल विभाग में बतौर सहायक तैनात कर्मचारी को विजिलेंस ने दस हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ लिया।
आरोप है कि सहायक ने गोहाना निवासी व्यक्ति से खानपुर यूनिवर्सिटी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर चार लाख रुपये मांगे थे।
रिश्वत की रकम शुक्रवार को देनी तय हुई थी। लेकिन विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को दबेाच लिया।
विजिलेंस एसपी पतराम सिंह ने बताया कि गोहाना के रिवाडा निवासी राज सिंह की मुलाकात कुछ दिन पहले एमडीयू के खेल विभाग में तैनात सहायक जयकिशन रंगा से हुई।
जयकिशन ने खानपुर महिला विश्वविद्यालय में क्लर्क की नौकरी लगवाने का दावा किया। झांसे में आकर राज सिंह ने अपने बेटे हरेंद्र की नौकरी लगवाने की बात कही।
जयकिशन ने राज सिंह से इसकी एवज में चार लाख रुपये मांगे। रिश्वत की इस रकम में से दस हजार रुपये बृहस्पतिवार को दे दिए गए और दस हजार रुपये शुक्रवार को देने तय हुए। जबकि शेष बची रकम शनिवार को देनी थी। राज सिंह की शिकायत पर शुक्रवार को टीम ने यूनिवर्सिटी कैंपस में योजनाबद्ध तरीके से आरोपी जयकिशन रंगा को दस हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि आरोपी जयकिशन की पहले भी कई शिकायतें आईं हैं। विजिलेंस टीम पिछले छह माह से उस पर नजर रखे थी। टीम में निरीक्षक करतार सिंह, नायब तहसीलदार बंशीलाल और टीआरए दयाचंद भी शामिल रहे।