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बच्चे ने चुराया 27 तौले सोना, पुलिस पहुंची तो परिजन बोले पुश्तैनी है

Wed, 26 Aug 2015 02:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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सांघी में एक नाबालिग ने गांव के अलग-अलग घरों से 27 तौले सोना चुरा लिया। एक  घर में चोरी करने घुसा तो पकड़ में आने पर यह खुलासा हुआ। पुलिस छानबीन करने और सोना बरामद करने घर पहुंची तो घर में 27 तौले सोना मिला। परिजनों ने बताया कि यह सोना तो उनका पुश्तैनी है।
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जांच के बाद बच्चे पर केस दर्ज कर उसे हिसार स्थित बाल सुधार गृह में भेज दिया गया। हालांकि सोने की बरामदगी को लेकर अभी कुछ नहीं बताया जा रहा।

गांव सांघी में एक बच्चे द्वारा एक मकान से 27 तोले सोना चोरी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने बच्चे को घर से पकड़कर उसे हिसार स्थित बाल सुधार गृह में भेज दिया। वहीं, मामले में बच्चे के परिजनों ने पुलिस पर सवाल उठा दिये है। पुलिस द्वारा घर से बरामद किए गए सोने को पुश्तैनी बताया। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने उनके पुर्वजों के आभूषणों को भी चोरी की बरामदगी बना दिया है।

 मामले में पुलिस कुछ भी बोलने से इनकार कर रही है। पुलिस और परिजनों में मामले को लेकर जमकर बहस हुई। मगर पुलिस ने परिजनों की एक भी नहीं सुनी और बच्चे को चोरी का आरोपी मानकर उसे बाल सुधार गृह में भेज दिया।  
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दरअसल गांव सांघी के एक मकान में गांव का ही नाबालिग लड़का घुस गया। उस समय मकान में कोई नहीं था। तभी एक महिला घर की तरफ आ गई। इस बीच बच्चा घर से बाहर निकल गया। महिला ने बच्चे को घर से बाहर निकलते हुए देख लिया। जब महिला ने बच्चे को रोकने के लिए आवाज लगाई तो वह नहीं रूका। कई दिन बीतने के बाद महिला ने फिर से बच्चे को गली में घूमते हुए पहचान लिया।

 फिर उसके परिजनों की तलाश करके घर में चोरी होने की बात कही। इस पर बच्चे के परिजनों ने चोरी की किसी घटना से इनकार कर दिया। तभी गांव के एक अन्य परिवार ने भी बच्चे के खिलाफ चोरी की शिकायत दे दी। इसके बाद मामला घिलौड़ चौकी में पहुंच गया। पुलिस शिकायत मिलने के बाद बच्चे के घर पहुंच गई। यहां से पुलिस को 27 तोले सोने के आभूषण बरामद हुए।

पुलिस ने उसे चोरी किए गए आभूषण की बरामदगी दिखा दिया। इसी दौरान बच्चे के परिजनों ने विरोध कर दिया। बच्चे के परिजनों का कहना है कि यह आभूषण उनके पुश्तैनी है। उनके बच्चा कहीं से चोरी करके नहीं लाया है।


बच्चे के खिलाफ गांव के दो परिवारों ने चोरी की शिकायत दी थी। इसके बाद बच्चे के खिलाफ आईपीसी की धारा 454 और 380 में केस दर्ज करके उसे बाल सुधार गृह में भेज दिया।
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प्रदीप कुमार, घिलौड़ पुलिस चौकी प्रभारी
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