सीएम मनोहर लाल खट्टर के गांव बनियानी में छेड़छाड़ विवाद के बाद बिगड़े हालातों में सुलह के प्रयास तेज हो गए हैं।
पंचायत से बिगड़ी बात को अब आसपास के दर्जनाें गांव के मौजिज लोग पंचायत से ही सुलझाएंगे।
चार दिन बाद होने वाली इस पंचायत में हालात दोबारा न बिगड़ें, इसके लिए युवाओं को एंट्री नहीं होगी।
पंचायत में सिर्फ बुजुर्ग और मौजिज लोग दोनों पक्षों की मौजूदगी में सुलह पर मंथन करेंगे। वहीं, मामले में ठाकुर पक्ष ने डीसी से गुहार लगाई है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो उन्हें गांव छोड़ना पड़ेगा।
दूसरी तरफ दलित समाज के लोगाें ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट को यह कहकर बैरंग लौटा दिया कि पहले बच्चे ठीक हो जाएं, उसके बाद ही बात करेंगे। शनिवार को तीसरे दिन भी दिनभर पुलिस टीम गांव के अलग-अलग हिस्सों में तैनात रही।
डीसी से मिलने पहुंचे ठाकुर
शुक्रवार को जहां दलित समाज के सैकड़ों लोग डीसी और एसपी से मिलने लघु सचिवालय पहुंचे थे। वहीं, अपने पक्ष के 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के विरोध में शनिवार को ठाकुर पक्ष के सैकड़ों लोग डीसी आवास पर पहुंचे। यहां लोगों ने डीसी से मामले में एससी-एसटी एक्ट व छेड़छाड़ की धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर को खारिज करने की मांग की। डीसी ने जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया। ठाकुरों ने जिला प्रशासन को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि हालात नहीं सुधरे तो हम गांव छोड़ने पर मजबूर हो जाएंगे। दावा किया कि हमारे साथ गांव की सभी बिरादरी के लोग है। ऐसे में प्रशासन एक ही पक्ष के लोगोें पर कैसे अत्याचार कर सकता है।
5 घंटे तक किया दूसरे पक्ष का इंतजार
सुबह ठाकुर पक्ष की बात सुनने के बाद डीसी ने उन्हें कुछ देर तक रेस्ट हाउस में ठहरने के लिए कहा। क्योंकि डीसी ने समझौते के लिए दूसरे पक्ष लोगों को बुलाया था। लेकिन सुबह 11 से शाम 4 बजे तक भी दूसरे पक्ष के लोग रेस्ट हाउस नहीं पहुंचे। आखिरकार ठाकुरों को बिना बातचीत के ही वापस गांव लौटना पड़ा।
पीजीआई पहुंचे ड्यूटी मजिस्ट्रेट, नहीं बनी बात
डयूटी मजिस्ट्रेट प्रमोद चहल ने दलितों से संपर्क किया। लेकिन दलित रेस्ट हाउस न पहुंचकर सीधा पीजीआई में पहुंच गए। चहल उनसे मिलने के लिए पीजीआई पहुंचे। यहां दलित समाज के लोगों ने कहा कि बच्चों को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद हम पंचायत में आएंगे और बात रखेंगे। उन्होंने प्रशासन से चार दिन का समय मांगा। गौरतलब है कि पंचायत में हुई मारपीट में करीब 7 लोग घायल हो गए थे। इनमें से दो तीन गंभीर हालत में पीजीआई में दाखिल हैं।
4 दिनों तक नहीं होगी कोई गिरफ्तारी
जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुलिस को मामले में चार दिनों तक कोई भी गिरफ्तारी नहीं करने की हिदायत दी है। हालांकि पुलिस ने ठाकुर समाज के दो लोगों को हिरासत में रखा हुआ है। पुलिस का मानना है कि प्राथमिक तौर पर दोनों को हिरासत में रखकर बातचीत की जा रही है। डीसी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले को पंचायती तौर पर खत्म किया जाएगा।