एटीएम में कैश डालने वाले निजी कंपनी के चार कर्मचारियों ने ढाई साल में डेढ़ करोड़ रुपये उड़ा दिए। आरोपियों ने एटीएम में जमा करने के लिए दिये जाने वाले कैश से रुपये निकालकर करोड़ों का गबन कर दिया।
ऑडिट में खुलासा होने पर कंपनी अधिकारियों ने सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का केस दर्ज कराया है। आरोपियों में जवाहर नगर निवासी प्रवीन कुमार, गांव खरैंटी निवासी रवि कुमार, मदीना निवासी अजीत सिंह और फतेहाबाद के किरदान निवासी नाथूराम शामिल हैं।
पुलिस को दी शिकायत में साइंटिफिक सिक्योरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारी अनिल कुमार ने चारों पर एसबीआई के एटीएम में जमा होने वाली राशि में से 1 करोड़ 41 लाख रुपये उड़ाने का आरोप लगाया है। आरोपियों ने बारी-बारी से वारदात को अंजाम दिया। जब भी कंपनी की ओर से उन्हें एटीएम में कैश जमा करने के लिए भेजा गया तभी वे 10 हजार तो कभी 20 हजार रुपये निकाल लेते थे।
आरोपी हमेशा टुकड़ों में पैसा निकालते ताकि किसी को पता न चले। काफी दिनों तक ऐसा ही चलता रहा। सिविल लाइन थाना एसएचओ नवीन कुमार ने बताया कि आरोपियों ने 19 मार्च 2013 से एटीएम में कैश जमा करना शुरू किया था। अभी किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। कंपनी के पास काफी समय से एसबीआई के देशभर में मौजूद एटीएम में कैश जमा कराने का ठेका है। कंपनी का मुख्यालय दिल्ली में है।