एमडीयू के फार्मेसी डिपार्टमेंट में छात्रा की ओर से एसोसिएट प्रोफेसर पर लगाए गए उत्पीड़न के आरोप जायज पाए गए। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न एवं यौन हिंसा रोकथाम समिति की रिपोर्ट के बाद शिक्षक को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
बता दें कि फार्मेसी डिपार्टमेंट की एक छात्रा ने गत सप्ताह डिपार्टमेंट के ही एक एसोसिएट प्रोफेसर पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इस मामले की जांच यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न एवं यौन हिंसा रोकथाम समिति को सौंपी थी। जांच के बाद समिति ने अपनी रिपोर्ट यूनिवर्सिटी प्रशासन को सौंपी, जिसमें काफी हद तक छात्रों के आरोपों को जायज बताया गया।
सूत्रों की मानें तो समिति की रिपोर्ट के बाद शुक्रवार को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आरोपी शिक्षक को सस्पेंड कर दिया है। हालांकि इस कार्रवाई से पहले ही एसोसिएट प्रोफेसर अवकाश पर चल रहे हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस कार्रवाई का एक गोपनीय पत्र फार्मेसी डिपार्टमेंट को भी भेजा है। खास बात यह है कि ऐसे मामलों में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने लंबे समय बाद इस तरह की कार्रवाई की है, अन्यथा अधिकतर मामलों को फाइलों में ही दबा दिया जाता है।
अब रिटायर्ड जज से भी कराई जाएगी जांच
सूत्रों की मानें तो समिति ने एसोसिएट प्रोफेसर पर कार्रवाई की संस्तुति के साथ यह भी सिफारिश की थी कि इस मामले की जांच रिटायर्ड जज से भी करानी चाहिए। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शिक्षक को सस्पेंड कर दिया है। समिति की सिफारिशों को देखते हुए इस मामले की किसी रिटायर्ड जज से भी जांच कराई जाएगी, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
समिति की रिपोर्ट में कार्रवाई की संस्तुति की गई थी, जिसके बाद एसोसिएट प्रोफेसर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। बाकी अन्य मामलों को लेकर अभी जांच चल रही है। दोषी पाए जाने पर उन मामलों में भी कड़ी कार्रवाई होगी।
- जितेंद्र भारद्वाज, रजिस्ट्रार एमडीयू।