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स्कूल की छात्राओं से छेड़छाड़, प्रिंसिपल और पार्षद के खिलाफ सामने आया पत्र

Wed, 17 May 2017 02:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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दोस्त के स्कूल में पार्षद करता है छात्राओं से छेड़छाड़, गाड़ी में बाहर भी ले जाता है - फोटो : file photo
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सोनीपत की बेटी से बर्बरता और एकता कॉलोनी की शिक्षिका के अपहरण के मामले के बाद मंगलवार को जिला परिषद कार्यालय पहुंचे एक पत्र ने पुलिस की नींद उड़ा दी। जिप कार्यालय पहुंचने के साथ ही पत्र सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया जिससे दिनभर शहर में चर्चा का विषय बना रहा। पत्र में नगर निगम के कांग्रेसी पार्षद राजबीर सैनी पर आरोप लगाया गया है कि वे अपने दोस्त के स्कूल में जाकर छात्राओं से छेड़छाड़ करते हैं।
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जिला परिषद चेयरमैन बलराज कुंडू ने बताया कि मंगलवार सुबह वे चंडीगढ़ गए हुए थे। कार्यालय से फोन आया कि एक निजी स्कूल की छात्राओं के नाम से पत्र आया है, जिसमें लिखा हुआ था कि वे एक निजी स्कूल में पढ़ने वाली 8वीं और 9वीं कक्षा की छात्राएं हैं। स्कूल प्राचार्य के कमरे में हर रोज पार्षद राजबीर सैनी आता है और छात्राओं को बुलाकर तरह-तरह के सवाल पूछता है। इतना ही नहीं, छात्राओं से छेड़छाड़ करने लगता है। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रिंसिपल विरोध करने की बजाए कुछ नहीं कहता। पार्षद किसी लड़की को अपनी गाड़ी में बैठाकर बाहर भी ले जाता है। कुंडू ने मामले की जानकारी डीसी और एसपी को दी। इसके बाद पहले से ही परेशान पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। तत्काल महिला डीएसपी पुष्पा खत्री को स्कूल भेजा गया। वहां उन्होंने करीब एक घंटे तक छात्राओं से पूछताछ की, लेकिन किसी भी छात्रा ने इस तरह के आरोप नहीं लगाए। ऐसे में पुलिस को अंदेशा है कि किसी ने साजिश के तहत पार्षद और स्कूल को बदनाम करने का प्रयास किया है।

हस्ताक्षर कर रही हैं, झूठा मत समझना

जिप चेयरमैन को जो पत्र भेजा गया है, उसकी भाषा मंजे हुए किसी अनुभवी व्यक्ति की लग रही है। जिसे न केवल दिल्ली के निर्भया कांड की जानकारी है, बल्कि यह भी पता है कि हस्ताक्षर के बिना आरोप फर्जी लगेंगे। इसलिए पत्र में साफ लिखा है कि छात्राएं किसी परिचित महिला के पास एकत्रित होकर यह पत्र लिख रही हैं। पत्र झूठा न लगे, इसलिए हस्ताक्षर कर रही हैं।
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न्याय नहीं मिला तो पार्षदों संग दूंगा धरना

पहले मेरी हत्या की साजिश का पुलिस ने खुद खुलासा किया, लेकिन आज तक यह नहीं बताया कि मेरी हत्या कौन और किसके कहने पर करना चाहता है। सात माह पहले घर पर दो धमकी भरे पत्र आए। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। अब यह ओच्छी हरकत करके मेरे चरित्र की हत्या करने का प्रयास किया गया है। अगर न्याय नहीं मिला तो सभी निगम पार्षदों के साथ मिलकर लघु सचिवालय के बाहर धरना दूंगा।
राजबीर सैनी, निगम पार्षद।

स्कूल संचालक बोला, राजनीतिक साजिश की बू

निगम पार्षद राजबीर सैनी मेरे दोस्त हैं। उन्होंने वार्ड के अंदर काफी विकास कार्य करवाए हैं। राजबीर और मुझे बदनाम करने का प्रयास किया गया है। इसके पीछे राजनीतिक साजिश से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसा करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। पुलिस को मामले की गहराई में जाकर सच्चाई उजागर करनी चाहिए।
जयकिशन वत्स, स्कूल संचालक।

स्कूल जाकर छात्राओं से पूछताछ की गई, लेकिन ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया। अगर किसी ने बदनाम करने के लिए छात्राओं को मोहरा बनाया है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिर भी अंतिम निर्णय तक पहुंचने के लिए गहराई से मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
पुष्पा खत्री, महिला डीएसपी।

होनी चाहिए सख्त कार्रवाई

सुबह विकास भवन स्थित कार्यालय में पत्र आया। मैं उस समय चंडीगढ़ में था। साथी ने पत्र की कापी मुझे भेजी। मैंने तुरंत डीसी और एसपी के पास पत्र भेजा। मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए। अगर पत्र फर्जी है तो किसी को यूं बदनाम करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
बलराज कुंडू, जिप चेयरमैन।


पार्षद परिवार को बदनाम करने की साजिश तो नहीं

नगर निगम पार्षद राजबीर सैनी न केवल लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े रहे हैं, बल्कि अपने वार्ड में विकास कार्यों को लेकर भी सक्रिय हैं। पहले 1994 से 1999 और दूसरी बार 2014 से अब निगम पार्षद हैं। एक माह पहले पुलिस ने एक गिरोह को पकड़ा था। पूछताछ में खुद पुलिस अधीक्षक ने खुलासा किया था कि गिरोह जिप चेयरमैन और निगम पार्षद राजबीर सैनी की हत्या करने आ रहा था, लेकिन आज तक यह खुलासा पुलिस नहीं कर सकी की गिरोह क्यों पार्षद की हत्या करना चाहता था। इतना ही नहीं, पिछले साल नवंबर माह में पार्षद के घर दो धमकी भरे पत्र आए। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धमकी देने का केस दर्ज कर लिया, लेकिन आज तक खुलासा नहीं कर सकी। अब पत्र प्रकरण से पार्षद परिवार को फिर निशाने पर लिया गया गया है।
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