पुलिस ने एआईपीएमटी की प्रवेश परीक्षा पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड रूप सिंह दांगी के नेटवर्क को तोड़ने की तैयारी कर ली है। जांच और गिरोह को पकड़ने के लिए पुलिस अब दांगी को देश के छह राज्यों में लेकर जाएगी। शुक्रवार को दांगी को कोर्ट में पेश करते हुए इसी जांच को आधार बनाते हुए पुलिस ने 10 दिन का रिमांड मांगा। कोर्ट ने 10 दिन के रिमांड की जगह 8 दिन की रिमांड मंजूर की। अब आरोपी को 9 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट में आरोपी के वकील ने दांगी के बयान अदालत में दर्ज करने की मांग की। इस मांग को कोर्ट ने खारिज कर दिया।
पुलिस ने कोर्ट में दी यह दलील
पुलिस ने कोर्ट में मामले को संगीन बताते हुए आरोपी का 10 दिन का रिमांड मांगा। पुलिस ने अदालत में कहा कि मामला राष्ट्रीय स्तर का है और देश के कई राज्यों में आंसर की सप्लाई की गई थी। रिमांड अवधि में पुलिस पता लगाने का प्रयास करेगी कि इस मामले में ओर कितने लोग शामिल है। साथ ही आंसर की कैसे और किसने लीक की थी।
इन राज्यों में लेकर जाएगी पुलिस
रिमांड अवधि के दौरान पुलिस आरोपी दांगी को साथ लेकर महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और श्रीनगर जाएगी। पुलिस इन सभी राज्यों में दांगी के गुर्गों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी करेगी। बता दें कि पेपर लीक मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने इन राज्यों से कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इन आरोपियों के पास नकल कराने के डिवाइस और आंसर की भेजी गई थी।
संबंधित थाने में दर्ज होगा दांगी का रोजनामचा
पुलिस टीम आरोपी दांगी को जिस भी राज्य के शहर में लेकर जाएगी वहां के संबंधित थाने में रोहतक पुलिस को दांगी का रोजनामचा दर्ज कराना होगा। साथ ही सभी जगहों पर सरकारी अस्पताल में दांगी की मेडिकल जांच करवाई जाएगी। इस संबंध में दांगी के वकील रणधीर अहलावत ने कोर्ट में अर्जी लगाई थी। कोर्ट ने अर्जी को मंजूर कर लिया।
ये था मामला
बता दें कि 3 मई 2015 को एआईपीएमटी की प्रवेश परीक्षा हुई थी। इसी बीच किसी व्यक्ति ने तत्कालीन आईजी श्रीकांत जाधव को पेपर लीक होने की सूचना दी थी। इस पर दोपहर बाद पुलिस ने गुढाणा निवासी डॉ. भूपेंद्र सिंह, गद्दी खेड़ी निवासी राजेश बिश्नोई, बसंत विहार निवासी संजीत और ग्रेटर नोएडा के नीमका निवासी रवि अत्री को गिरफ्तार किया था। तब पेपर लीक प्रकरण का खुलासा हुआ था। आरोपियों और अभ्यर्थियों के पास से नकल कराने के आधुनिक उपकरण, अंडर गारमेंट्स सहित अन्य सामान बरामद हुआ था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा को रद्द कर दिया था। पेपर लीक के समय आरोपियों ने 15 से 30 लाख रुपये में आंसर की परीक्षार्थियों को बेची थी। इसके बाद पुलिस ने 31 मार्च को रूप सिंह दांगी को बहादुरगढ़ बाईपास से गिरफ्तार किया था।