युवती की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या का प्रयास करने वाले युवक को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार गुप्ता की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आत्महत्या का प्रयास करने के मामले में भी 6 महीने की सजा सुनाई है।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार गांव गरनावठी निवासी विकास ने अपनी बहन रीतू की गोली मारकर हत्या करने के मामले में शौरा कोठी निवासी अमित के खिलाफ केस दर्ज करवाया था।
विकास ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 4 जुलाई 2013 को मेरी छोटी बहन रीतू रजवाहे के पास हैंडपंप से पानी लेने के लिए गई थी। हैंडपंप घर से थोड़ी ही दूरी पर था। कुछ ही देर बाद फायरिंग की आवाज आई। जब विकास मौके पर पहुंचा तो रीतू बेसुध होकर जमीन पर पड़ी थी। आरोपी अमित स्कूटी पर सवार होकर बालंद की तरफ फरार हो गया। पीजीआई में डॉक्टरों ने रीतू को मृत घोषित कर दिया। आरोपी अमित ने बालंद नहर पर खुद को गोली मार ली और नहर में गिर गया। फिर किसी राहगीर ने उसे घायल अवस्था में नहर से निकाला और अस्पताल में भर्ती कराया। मृतका के भाई विकास के बयान पर पुलिस ने केस दर्ज कर अमित को गिरफ्तार किया था। अदालत ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद दोषी को सजा सुनाई। दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माने भी लगाया है।