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बार-बार बुलाने के बावजूद बयान देने नहीं आ रहे कुछ शिकायतकर्ता
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-आरक्षण आंदोलन के दौरान बवाल करने वालों की तलाश में जुटी एसआईटी
- भिवानी, सिरसा एसआईटी ने सीसीटीवी में कैद आरोपियों के पोस्टर कराए चस्पा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव के आरोपियों की पहचान के लिए भिवानी एसआईटी ने जगह जगह सीसीटीवी में कैद आरोपियों के पोस्टर चस्पा कराए। मगर कुछ पीड़ित अभी भी बयान दर्ज करने के लिए नहीं आ रहे हैं। हालांकि एसआईटी बवालियों की पहचान का हर संभव प्रयास कर रही है।
हरियाणा में आरक्षण आंदोलन की आग 19 फरवरी 2016 को शुरू हुई थी। उपद्रवियों ने पुलिस महानिरीक्षक का आवास, सर्किट हाउस, मंत्री आवास व सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाया था। इसके अलावा कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया था। यहीं नहीं वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के आवास को भी फूं क दिया गया था।
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नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग के लिए हुए आंदोलन का केंद्र रोहतक था। इसमें 30 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थीं और करोड़ों रुपये की संपत्ति भी नष्ट हो गई थी। हत्या, आगजनी, तोड़फोड़, लूटपाट समेत विभिन्न धाराओं में हजारों लोगों पर केस दर्ज किए गए थे। पहले मामले की जांच पुलिस कर रही थी। बाद में जांच एसआईटी हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, भिवानी को भी सौंप दी गई थी।
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एसआईटी ने सीसीटीवी में कैद आरोपियों के फोटो जगह जगह चस्पा कराए है। इस मामले में एसआइटी 70 से अधिक के बयान दर्ज कर चुकी है। सूत्रों के अनुसार अभी भी कई शिकायतकर्ता बयान दर्ज कराने के लिए नहीं आ रहे हैं। हालांकि एसआईटी ने जल्द बवालियों की पहचान कर गिरफ्तार करने का दावा किया है।

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