अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
जिले के गांव चिराहड़ा में दो साल की मासूम का अपहरण कर फिरौती मांगने एवं हत्या करने के आरोप में बुधवार को अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश फलित शर्मा ने आरोपी को विभिन्न धाराओं के तहत कड़ी सजा सुनाई। पुलिस पीआरओ दीनदयाल से मिली जानकारी अनुसार अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश फलित शर्मा की अदालत ने आरोपी को भादंस धारा 363 में पांच साल और पांच हजार रुपये जुर्माना, धारा 364ए में 25 साल कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना, भादंस धारा 302 में 25 साल कारावास और पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न भरने से एक-एक साल अलग से सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा भादंस धारा 201 में तीन साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना किया गया है। जुर्माना न भरने पर छह माह की सजा अलग से भी भुगतनी होगी।
अदालत में सरकारी वकील सुमेर सिंह ने पुलिस की ओर से सभी साक्ष्य रखे तथा 20 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराए। सभी साक्ष्यों एवं गवाहों के बयान सुनने के बाद बुधवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फलित शर्मा की अदालत ने आरोपी को उपरोक्त सजा और जुर्माने की सजा सुनाई है।
अपहरण कर मांगी थी सात लाख की फिरौती
24 जनवरी 2017 को बावल के गांव चिरहाड़ा में दो साल की मासूम बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। इस दौरान वह गायब हो गई थी। बच्ची के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर बच्ची की तलाश शुरू की तो जांच से पता चला था कि बच्ची के अपहरण के बाद परिजनों से सात लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई थी। फिरौती की मांग के बाद पुलिस ने जाल बिछाया और आरोपी को दबोच लिया गया था।
गांव में किराए का कमरा लेकर रहता था आरोपी अमित चंद
अदालत द्वारा दो साल की मासूम की हत्या, फिरौती एवं अपहरण का आरोपी अमित चंद चिराहड़ा में ही दो साल से किराए का कमरा लेकर रह रहा था। यूपी के बलिया निवासी अमित चंद बावल में ही एक निजी कंपनी में काम करता था। गांव में पहचान का फायदा उठाकर उसने मासूम का अपहरण कर हत्या कर दी थी। अहम बात यह कि आरोपी ने हत्या के बाद परिजनों से फिरौती मांगी थी।