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डीएसपी से लेकर एसएचओ ने गोद लिये 18 गांव

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फोटो परिचय
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एसपी जशनदीप सिंह रंधावा
अमर उजाला एक्सक्लूसिव

आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने की पहल -----
डीएसपी से लेकर एसएचओ तक ने गोद लिये 18 गांव
- आपराधिक प्रवृति के युवकों की कराई जाएगी काउंसिलिग
- समय समय पर गांव में कराई जाएगी खेल गतिविधियां
- एसपी ने सभी को सौंपी जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। एसपी ने गांवों में चल रही रंजिशों के खात्मे से लेकर युवाओं को सही दिशा में लाने के लिये एक अनूठी पहल की शुरूआत की है। आपराधिक घटनाओं पर अंकुश के लिए एसपी के निर्देश पर डीएसपी व एसएचओ ने जिले के 18 गांवों को गोद लिया है। जिनमें आपराधिक प्रवृति के युवकों की काउंसिलिंग कराई जाएगी। इसके अलावा समय समय पर खेल गतिविधियां आयोजित की जाएगी।
जिले के कई गांव ऐसे है, जिनमें आए दिन कत्ल से लेकर आपराधिक घटनाएं होती रहती है। जिनमें कारौर, बहु अकबरपुर, अस्थल बोहर, इस्माइला आदि शामिल है। पुलिस लाख प्रयास के बाद भी रंजिश में होने वाले मामलों पर अंकुश लगाने में पूरी तरह से नाकाम रहती है।
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एसपी जशनदीप सिंह रंधावा ने बताया कि आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सभी डीएसपी से लेकर एसएचओ सिटी, शिवाजी कॉलोनी, सिविल, पीजीआईएमएस, अर्बन स्टेट, सदर, कलानौर, महम, सांपला, लाखनमाजरा के एसएचओ ने कौरार, इस्माइला, बहु अकबरपुर समेत 18 गांव गोद लिए है। डीएसपी व एसएचओ की जिम्मेदारी रहेगी कि वह इन गांवों में वर्षों से चली आ रही रंजिशों का दोनों पक्षों की सहमति के माध्यम से खात्मा कराए। इसके अलावा आपराधिक प्रवृति के लोगों की भी काउंसिलिंग करें। इसके अलाव युवाओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से गांव में समय समय पर खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित कराई जाएगी। आज बैठक लेकर एसपी सभी एसएचओ व डीएसपी को इस संबंध में निर्देश करेंगे। गोद लिए गांवों पर अधिकारियों की विशेष नजर रहेगी। गांवों की रंजिश को खत्म करने से लेकर युवाओं को सही राह पर लाने वाले एसएचओ या फिर डीएसपी को एसपी खुद सम्मानित भी करेंगे।
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फ्लॉप हो गई थी योजना
पूर्व आईजी श्रीकांत जाधव ने भी आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से अपने कार्यकाल में इस्माइला, बोहर आदि गांव को गोद लिया था। कुछ दिन तक तो गांव में खेल गतिविधियां आयोजित कराई गई थी मगर बाद में मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अब इन गांवों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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एसएचओ और डीएसपी को जो गांव गोद दिए गए हैं, उनकी खुद मॉनीटरिंग करेंगे। समय समय पर गांव के लोगों सेे संपर्क कर समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास करेंगे। इन गांवों में रंजिश को खत्म करने के बाद अन्य गांवों को भी गोद लेने पर विचार किया जाएगा। जिले को पूरी तरह से अपराध मुक्त बनाना है उद्देश्य है - जशनदीप सिंह रंधावा, एसपी
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मनोवैज्ञानिक का भी लिया जाएगा सहारा
एसपी ने बताया कि किसी भी गांव में यदि कोई गलत राह पर चल रहा है तो उसकी पुलिस के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक से काउंसिलिंग कराई जाएगी। ग्रामीणों का भी इसमें पूरा सहयोग लिया जाएगा। ग्रामीणों से ही आपराधिक प्रवृति के लोगों का ब्योरा जुटाया जाएगा।
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