अमर उजाला स्टिंग
पुलिस चौकी से 150 कदम की दूरी बिक रहे अफीम, गांजा और चरस
- 30 दिन में 60 लोग बेच देते हैं 5.41 करोड़ रुपये का नशा
- इंद्रा कॉलोनी और खोखरा कोट में नशे के कारोबार से जुड़े लोगों का अमर उजाला ने किया स्टिंग
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक
देसां म्ह देस, देस हरियाणा, जित दूध-दही का खाणा के स्लोगन से मशहूर प्रदेश को अब नशा अपनी गिरफ्त में ले रहा है। प्रदेश के राजनीतिक गढ़ व तीन विश्वविद्यालयों के शहर रोहतक में नशा युवाओं के सिर चढ़ कर बोल रहा है।
पीजीआई के नशा मुक्ति केंद्र में रोजाना करीब 400 लोग नशा छोड़ने का इलाज लेने पहुंच रहे हैं। जबकि इससे अलग एक बड़ा तबका और है, जो नशे में डूबा रहता है। इनके नशे की पूर्ति शहर के ही कुछ इलाकों से हो रही है। इंदिरा कॉलोनी, खोखराकोट इलाका खास है। यहां चरस, गांजा, अफीम ही नहीं स्मैक व हेरोइन सरीखा नशा धड़ल्ले से बिक रहा है।
शहर में 60 से ज्यादा परिवार नशे के कारोबार से जुड़े हैं। ये लोग मोटे अनुमान के अनुसार, रोजाना करीब 18 लाख रुपये का नशा बेच रहे हैं। नशे का यह कारोबार हर महीने करीब 5.41 करोड़ रुपये का है। वह भी तब, जब फोरी तौर पर आंकलन लगाया गया है। शहर में चल रहे नशे के इतने बड़े कारोबार से पुलिस अनभिज्ञ है ये बात आसानी गले नहीं उतरती। अमर उजाला ने स्टिंग ऑपरेशन चलाया तो यह सच सामने आया। स्टिंग के दौरान पुलिस चौकी से 150 कदम दूर इंद्रा कॉलोनी और खोखरा कोट में गांजा, चरस से लेकर अफीम बिकती मिली।
यू समझें नशे के कारोबार का गणित
नशे के कारोबार की जड़ें पूरे प्रदेश में फैली है। अकेले शहर में हर माह करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये का नशा बिक जाता है। शहर में यूं तो नशा बेचने के धंधे से करीब ढाई सौ से ज्यादा लोग जुड़े हैं। इनमें से महज साठ लोगों का ही आकलन किया गया है। एक अनुमान के मुताबिक नशा कारोबारियों से जुड़ा एक व्यक्ति एक दिन में करीब 25 लोगों को नशा बेचता है। इसमें करीब आठ लोग गांजा, पांच लोग चरस, पांच लोग स्मैक, चार लोग अफीम व तीन लोग हेरोइन खरीदने वाले होते हैं। औसतन हर नशे का आदी व्यक्ति दो से चार पुड़िया खरीदता है।
रोहतक में नशे का भाव
गांजा 170 रुपये में एक तोला
चरस 200 रुपये में आधा तोला
स्मैक 200 रुपये में दो ग्राम
अफीम 1000 रुपये में एक तोला
इस हिसाब से रोजाना करीब 30 हजार रुपये का नशा बिक जाता है। साठ लोग करीब 18 लाख रुपये का नशा रोज बेचते हैं। माह में यह आंकड़ा 5.41 करोड़ से ज्यादा का बनता है।
स्टिंग के दौरान नशा बेचने वालों से हुई बातचीत
इंद्रा कॉलोनी पुलिस चौकी से 150 कदम की दूरी पर स्थित दुकान
यहां पर रिपोर्टर बाइक पर सवार होकर पहुंचता है। रिपोर्टर के पहुंचते ही चारपाई पर बैठी महिला तुरंत ही बाइक के पास पहुंचती है। रिपोर्टर से महिला के बीच की बातचीत
महिला - पुड़िया लेनी है क्या?
रिपोर्टर - हां
महिला - किसकी पुड़िया लेगा
रिपोर्टर - गांजे की, कितने की मिलेगी
महिला - 120 की मिल जाएगी, आजा ले ले
रिपोर्टर एक दुकान में घुसता है, जहां पर थैले में काफी गांजा रखा हुआ था।
महिला - 120 में 10 ग्राम मिलेगा।
रिपोर्टर - ठीक है आंटी, कहां से लाते हो यह गांजा
महिला - यहीं का एक व्यक्ति उपलब्ध कराता है।
रिपोर्टर - पुलिस की टेंशन तो नहीं है कोई
महिला - पुलिस की कोई टेंशन नहीं है, पुलिस बाहर गांजा पीने वालों को पकड़ती है, बेचने या खरीदने वालों को नहीं
रिपोर्टर यहां से 0120 रुपये में गांजे की पुड़िया लेकर चला आता है।
खोखरा कोट
रिपोर्टर - बाबू जी नमस्ते
अधेड़ व्यक्ति - नमस्ते, क्या चाहिए, पुड़िया या तंबाकू
रिपोर्टर - चरस और गांजा
अधेड़ व्यक्ति - चरस की पुडिया 200 जबकि गांजे की 150 में मिलेगी
रिपोर्टर - चरस की पुड़िया दे दो
अधेड़ व्यक्ति - एक युवती तरफ इशारा करते हुए लाकर दे
युवती एक मकान के अंदर से छोटी से पुड़िया लेकर आती है
अधेड़ - जेब में रख ले, किसी को बताना नहीं
रिपोर्टर - यहां पुलिस का तो कोई लफड़ा नहीं है
अधेड़ - पुलिस का कोई लफड़ा नहीं है। आराम से आ जाया कर।
इंद्रा कॉलोनी स्थित चाय की दुकान
यहां पर रिपोर्टर ने गांजे की पुड़िया मांगी।
युवक - कितनी लेगा
रिपोर्टर - अभी तो एक पुड़िया लेनी है
युवक - अंदर आ जा, बढ़िया पुड़िया मिलेगी
रिपोर्टर - दे दो
युवक - 120 रुपये दे, और किसी को बताना नहीं
रिपोर्टर - पुलिस की कोई टेंशन तो नहीं है
युवक - नहीं है यार, आ जाया करो यहीं पर
रिपोर्टर - पुलिस ने पकड़ लिया तो
युवक - यह हमारी जिम्मेदारी है।
वर्जन
इंद्रा कॉलोनी में महिलाओं द्वारा नशीले पदार्थ की बिक्री की जानकारी मिली है। जल्द ही गिरोह का भंडाफोड़ किया जाएगा।
- शमसेर सिंह, चौकी प्रभारी इंद्रा कॉलोनी
इंद्रा कॉलोनी और खोखरा कोट क्षेत्र में अफीम, गांजा, चरस, स्मैक की बिक्री के मामले की जानकारी नहीं है। यदि इंद्रा कॉलोनी पुलिस चौकी के निकट नशीले पदार्थ की बिक्री की जा रही है तो यह गंभीर मामला है। कल ही टीम गठित कर नशीले पदार्थ की बिक्री करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। किसी भी कीमत पर नशीले पदार्थों की बिक्री नहीं होने दी जाएगी।
- जशनदीप सिंह रंधावा, एसपी रोहतक
हर माह आ रहे नशे के शिकार 400 मरीज
पीजीआईएमएस के चिकित्सकों के अनुसार हर माह ओपीडी में 150 नए जबकि 250 पुराने नशीले पदार्थ के सेवन के मरीज आ रहे हैं। ओपीडी में हर माह कुल 400 मरीज पहुंच रहे हैं। जिसमें ज्यादातर एल्कोहल के हैं। इसके अलावा पचास प्रतिशत से अधिक स्मैक व गांजा, अफीम, हेरोइन का सेवन करने के बाद आने वाले मरीज हैं।
जानकारी के बावजूद शिकंजा क्यों नहीं कस रहे इंद्रा कॉलोनी चौकी प्रभारी?
इंद्रा कॉलोनी में नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर चौकी प्रभारी का कहना था कि महिलाओं द्वारा बिक्री की सूचना मिली है। पिछले काफी समय से चौकी से मात्र इतने कदम की दूरी पर नशा बेचा जा रहा है। बावजूद इसके चौकी प्रभारी नशेे का कारोबार करने वालों पर शिकंजा कसने में क्यों नाकाम साबित हो रहे हैं? क्यों नशे की बिक्री करने वालों पर शिकंजा नहीं कसा जा रहा है? यह सवाल जब चौकी प्रभारी से किए गए तो उन्होंने बीच में ही कॉल डिस्कनेक्ट कर दी।
शरीर पर पड़ता है प्रतिकूल प्रभाव
राज्य औषध निर्भरता उपचार केंद्र के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. विनय कुमार का कहना है कि नशीले पदार्थ के सेवन के कारण शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। एक ओर जहां शरीर पूरी तरह से कमजोर हो जाता है वहीं दूसरी ओर रुपया खर्च होता है, तीसरा पारिवारिक व सामाजिक दृष्टि से भी नशे का सेवन करने वाले को घृणा की दृष्टि से देखा जाता है। एक बार लत पड़ने के बाद व्यक्ति बार-बार नशीले पदार्थ की डिमांड करता है। कई बार नशे की पूर्ति करने के लिए व्यक्ति आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने से भी पीछे नहीं हटता है।
बिहार, उड़ीसा, नेपाल से लाई जा रही नशे की खेप
हाल ही में पुलिस व एवीटी की टीम ने बिहार के गोपालगंज निवासी हरिकिशन को 11 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी ने बिहार व नेपाल बार्डर से नशे की खेप लाने का खुलासा किया था। इसके अलावा अफ्रीका के एक आरोपी को भी पुलिस ने लाखों की हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। एमडीयू के दो छात्रों ने हिमाचल से दो किलो चरस खरीदी थी। जिसे रोहतक में बेचा गया था। आरोपी छात्रों की तलाश में हिमाचल पुलिस ने रोहतक की खाक छानी थी मगर सफलता हाथ नहीं लग सकी थी। इसके अलावा पुलिस कई नशे के कारोबार से जुड़े लोगों को पकड़ चुकी है। मगर स्थानीय नशे के कारोबार से जुड़े लोगों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। हालांकि मामला संज्ञान में आने के बाद दो दिन के अंदर सभी पर शिकंजा कसने का दावा किया है।