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रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी

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रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर 30 युवाओं से 80 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी
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फर्जी ज्वाइनिंग लैटर देकर गिनवाए ट्रेन के डिब्बे, नपवाईं पटरियां

दिल्ली रेलवे स्टेशन पर दो महीने कराई नौकरी, पुलिस ने ठगी करने वाले गिरोह की एक महिला सदस्य को दिल्ली रेलवे स्टेशन से किया गिरफ्तार

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शहर थाना पुलिस ने रेलवे में नौकरी लगवाने का लालच देकर युवाओं से लाखों रुपयों की ठगी करने वाले गिरोह की महिला सदस्य को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी महिला को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। महिला ने खुलासा किया है कि गिरोह ने युवाओं को फर्जी ज्वाइनिंग लैटर देकर दिल्ली रेलवे स्टेशन पर दो महीने तक नौकरी करवाई। गिरोह ने युवाओं को रेलवे स्टेशन पर आने वाली ट्रेन के डिब्बे गिनने और पटरियां देखने का काम दे रखा था ताकि वह किसी की पकड़ में न आये। गिरोह के सदस्य हरियाणा के करीब तीस युवाओं से 80 लाख से ज्यादा रुपये ठग चुके हैं।
शहर थाना पुलिस ने 23 जून 2016 को गांव चमारिया निवासी हरीश हुड्डा और खिड़वाली हाल सेक्टर तीन निवासी महिला संतोष उर्फ सोनिया के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था। राजीव विहार कॉलोनी निवासी महिला राजवंती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि हरीश और संतोष ने बच्चों की रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी है। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस आरोपी हरीश को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। जांच अधिकारी महिला एएसआई सुशीला ने बताया कि सूचना के आधार पर राजस्थान के गंगानगर स्थित लालगढ़ जटान निवासी किरण को दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया है। महिला दिल्ली में किराये का कमरा लेकर अपने गिरोह के सदस्यों के साथ रहती थी।
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ऐसे करवाई दो महीने तक रेलवे स्टेशन पर नौकरी
गिरोह के सदस्यों ने बड़े शातिर तरीके से लोगों से ठगी की। आरोपी महिला ने बताया कि वह युवाओं को फर्जी ज्वाइनिंग लैटर भेजकर नौकरी करने के लिए दिल्ली रेलवे स्टेशन पर बुला लेते थे। यहां पर रेलवे विभाग से बचने के लिए युवाओं को ट्रेन के डिब्बे गिनने, ट्रेन की गिनती करने और लाइन की चेकिंग करने का काम दिया जाता था। ऐसे में युवाओं पर रेलवे विभाग के अधिकारियों को भी शक नहीं होता था।

इन लोगों से की नौकरी लगाने के नाम पर ठगी
गिरोह के सदस्यों ने गीता देवी निवासी गांव धौड़ जिला झज्जर से उसके बेटे नीरज को नौकरी लगवाने के नाम पर 5 लाख रुपये, राजवंती निवासी राजीव विहार से उसके बेटे प्रवीण की नौकरी लगावाने के नाम पर 6 लाख रुपये, सुजीत निवासी गांव चमारियां से उसके भाई जितेंद्र को रेलवे मे नौकरी लगवाने के नाम पर साढ़े चार लाख रुपये, सुरेश निवासी वार्ड नं. 1 रामनगर कॉलोनी झज्जर से उनके बेटे अजय को नौकरी दिलवाने के नाम पर तीन लाख रुपये, ममता से ढाई लाख रुपये, दीपक निवासी कंवर सिंह से साढ़े तीन लाख रुपये, रोहित निवासी गांव ककराला जिला महेंद्रगढ़ से 6 लाख रुपये ठगे थे।

रोहतक और झज्जर के युवाओं से ठगे 40 लाख
आरोपी महिला किरण ने खुलासा किया कि उसके गिरोह ने रोहतक व झज्जर के युवाओं को अपने झांसे में लेकर करीब 40 लाख रुपये की ठगी की। इसके अलावा पूरे प्रदेश में फैले गिरोह के सदस्यों ने प्रत्येक जिले के बेरोजगार युवाओं को ठगा। आरोप है कि संतोष उर्फ सोनिया खुद को हरीश की पत्नी बताती है। दोनों इकट्ठे रहते हैं। इनके गिरोह में अन्य लोग भी शामिल है। शिकायतकर्ता का कहना है कि दोनों आरोपियों ने खुद को रेलवे के बड़े अधिकारियों से मित्रता की बात कहकर रेलवे में नौकरी लगवाने की बात कही थी। इसी झांसे में लेकर आरोपियों ने करीब 40 लाख रुपये ठगे थे। इसके अलावा आरोपियों ने चमारियां निवासी सुजीत कुमार को अपने झांसे में लेकर एक कार हड़पी, फिर बुजुर्ग महिला संतरा देवी से धोखाधड़ी करके तीस हजार रुपये ठगे। इसी तरह आशा हुड्डा निवासी राजीव विहार से फोन रिचार्ज कराकर 26000 रुपये लेकर फरार हो गये थे।
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रुपये ऐंठकर घर भिजवाते थे फर्जी ज्वाइनिंग लैटर
पूछताछ में आरोपी महिला किरण ने बताया कि वह जाल में फंसाकर युवाओं से रुपये ठगने के बाद गिरोह के सदस्य उनके घर फर्जी ज्वाइनिंग लैटर भिजवाते थे। ताकि उन्हें भरोसे में लेकर और रुपये ठगे जा सके। गिरोह के लोग रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर किसी युवक से 10 लाख तो किसी से 8 लाख रुपये ठगते थे। जांच अधिकारी का कहना है कि अभी तक महिला से रुपये बरामद नहीं किये गये है। ठगी के रुपये आने के बाद गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।
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