पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में, पांच घंटे बाद पहुंचे एसएचओ बोले
चौकी पर सिर्फ पांच आदमी, शाम को होगी कार्रवाई
- जाम लगाने पर पुलिस ने महंत सहित 25 नामजद सहित 200 ग्रामीणों पर दर्ज किया केस
- पंचायत ने किया फैसला : महंत की सुरक्षा मेें दस से बारह ग्रामीण देंगे मठ में पहरा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
भाऊनाथ मठ में हुई डकैती के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करने के नाम पर ग्रामीणोें को जमकर छकाया। ग्रामीणों ने मठ से चार किलोमीटर दूर स्थित घिलौड़ चौकी पुलिस को सुबह सात बजे वारदात की सूचना दी थी। मगर चौकी पुलिस दो घंटे बाद मठ में पहुंची और पूरी कार्रवाई करे बिना ही लौट गई।
यही नहीं पांच घंटे बाद पहुंचे सदर थाना एसएचओ से जब ग्रामीणों ने गांव में जाकर जांच पड़ताल करने की मांग की तो उन्होंने कहा कि सांघी और घिलौड़ के दो शवों का पोस्टमार्टम करवाना है। मठ के मामले में आगे की कार्रवाई शाम को हो जाएगी। इस बात पर ग्रामीण बिफर गये और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
पुलिस के गांव में आने का इंतजार कर रहे ग्रामीणों ने जब रोड जाम कर दिया तो सदर थाना प्रभारी मंजीत मौके पर पहुंचे। उनसे ग्रामीणों ने गांव में चलकर मामले की जांच करने की बात कही। इस पर एसएचओ ने कहा कि चौकी में मात्र पांच आदमी हैं। अभी सांघी और घिलौड़ की मौत के मामले में दो शवों का पोस्टमार्टम भी करवाना है। ग्रामीणों की साथ जाने की बजाए पुलिस गांव के अड्डे पर चालान काटने में मशगूल हो गई। जब ग्रामीणों ने रोड जाम करके हंगामा किया और सांसद दीपेंद्र से बात की तो पुलिस मठ में पहुंची। वहीं, देर रात पुलिस ने रोड जाम करने के मामले में मठ के महंत सुंदर नाथ सहित 25 लोगों को नामजद करते हुए करीब 200 लोगों पर केस दर्ज कर लिया।
पुलिस ने महंत पर जताया शक, भड़के ग्रामीणों ने उन्हें थाने ले जाने से रोका
सुबह तक मामले में कार्रवाई करने से बच रही सदर थाना पुलिस दोबारा एक घंटे देरी से मठ में पहुंची। यहां पहुंचते ही पुलिस ने 40 साल से मठ में सेवा कर रहे महंत पर ही उंगली उठा दी और उन्हें थाने ले जाने की बात कहने लगी। इस पर ग्रामीण भड़क गये। मठ के अंदर ही ग्रामीणों और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई। करीब एक घंटे की गहमागहमी के बाद पुलिस को ग्रामीणोें की आस्था के सामने झुकना पड़ा। पुलिस ने मठ में ही महंत के बयान दर्ज किये। ग्रामीणों ने बताया कि सांसद दीपेंद्र हुड्डा से बात होने के बाद एसपी के निर्देश पर सदर थाना पुलिस दोबारा मठ में पहुंची। यहां पर ग्रामीणों के सामने ही सदर थाना एसएचओ ने महंत सुंदर नाथ पर ही डकैती का शक जाहिर कर दिया। सुंदर नाथ करीब चालीस साल से मठ में सेवा कर रहे है। जैसे ही पुलिस ने महंत पर शक जाहिर किया तो ग्रामीण एकजुट होकर पुलिस पर भड़क गये। पुलिस और ग्रामीणों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। इतना ही नहीं पुलिस ने महंत को थाने में ले जाने का भी प्रयास किया मगर ग्रामीण अड़ गये। ग्रामीणों ने महंत को थाने नहीं ले जाने दिया। फिर पुलिस ने मठ में ही महंत के बयान लेकर केस दर्ज किया। ग्रामीणोें को शक है कि आसपास के गांव के लोगों ने ही वारदात को अंजाम दिया है।
11 एकड़ में फैला है भाऊनाथ मठ परिसर
भाऊनाथ मठ परिसर करीब 11 एकड़ में फैला है। 10 एकड़ में खेतीबाड़ी की जाती है और 1 एकड़ में मठ का भवन है। मठ की जमीन को प्रत्येक वर्ष खेती के लिए ठेके पर दिया जाता है। कुछ हिस्से में अमरूद का बाग है। इसके अलावा अन्य जमीन पर सरसों, गन्ने और गेहूं सहित अन्य फसल पैदा की जाती है। इससे होने वाले आय पर महंत सुंदर नाथ का पूरा अधिकार है। वह रुपये को धार्मिक कार्यक्रम और भवन निर्माण में लगाते हैं।
पानीपत की तीसरी लड़ाई के बाद पेशवा बाजीराव के भाई सदाशिव ने बनाया था भाऊनाथ मठ
सांघी में स्थापित भाऊनाथ मठ की स्थापना सदाशिव राव भाऊ ने वर्ष 1763 में की थी। मराठा सेना के प्रधान सेनापति और पेशवा बाजीराव के भाई सदाशिव राव भाऊ ने 1761 में पानीपत की तीसरी लड़ाई में घायल होने के बाद सांघी में शरण ली थी। इतिहासकार आचार्य रोजवल्कर की पुस्तक ‘पानीपत 1761’ में उल्लेख है कि लड़ाई में सदाशिव जीवित बच गये थे। इसके बाद वह पानीपत से दक्षिण पश्चिम दिशा में चलकर गोहाना पहुंचे थे। भीषण गर्मी के कारण उन्होंने एक गांव के कुएं पर पनिहारी से पानी पीने की इच्छा जताई और शरणस्थली के बारे में पूछा था। पनिहारिन ने पानी पिलाकर कहा था कि दक्षिण दिशा में कुछ दूरी पर चलने पर सांघी गांव में बड़ और पीपल के घने वृक्ष हैं। वह स्थान शरण लेने के लिए सुरक्षित होगा। फिर सदाशिव ने सांघी पहुंचकर डालान पाना की चौपाल में डेरा डाला था। यहां से वह तीर्थस्थल पृथद्क पेहवा में श्रवणनाथ मठ पहुंचे थे। फिर नाथ संप्रदाय की दीक्षा लेकर सांघी में 1763 में भाऊनाथ मठ की स्थापना की थी।
29 जनवरी को दादा बिशादे मेले में इकट्ठा हुआ था ढाई लाख कैश
दरअसल, सांघी गांव में प्रत्येक वर्ष लाधी वाले में भाऊनाथ मठ पर दादा बिशादे का मेला लगता है। 29 जनवरी 2018 को यह मेला लगा था। इस मेले में हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया था। मेले के दौरान रागिनी, कुश्ती प्रतियोगिता सहित अन्य कार्यक्रम का आयोजन होता है। महंत के अनुसार दो दिन पहले आयोजित मेले में श्रद्धालुओं ने करीब ढाई लाख रुपये का दान किया था। जबकि 80 हजार रुपये पहले ही मठ की तिजोरी में रखे थे।
आरोपियों को पकड़ने की बजाए मुझे फंसाना चाहती है पुलिस : महंत सुंदर नाथ
मैं मठ के पूजा स्थल के पास फर्श पर सो रहा था। तभी पांच युवक हथियार लेकर अंदर आ गये। मुझे गेट टूटने की आवाज सुनाई नहीं दी। आरोपियों ने आते ही मुझ पर पिस्तौल तान दी। सभी आरोपियों के हाथ में हथियार था। मुझे करीब एक घंटे तक बंधक बनाकर रखा और मठ से सारा कैश, तीन सोने की अंगूठी सहित अन्य आभूषण ले गये। अब पुलिस आरोपियों को तलाश करने की बजाए मुझे ही फंसाना चाहती है।
वारदात पर उठ रहे कुछ सवाल
- आरोपी मठ के दाई ओर की दीवार से अंदर घुसे। इसके बाद उन्होंने मठ के गेट की कुंडी तोड़ी, मगर महंत को आवाज नहीं आई। वह एक बार भी नींद से नहीं उठे।
- मठ के अंदर के बाहर और अंदर दोनों के गेट की कुंडी अंदर से टूटी हुई है। अंदर की तरफ ही चोट के निशान है।
- हालांकि जिस दीवार से आरोपी मठ के अंदर गये वहां पर उनके पैर के निशान है।
- आरोपियों को मठ के बारे में पूरी तरह जानकारी थी। क्योंकि उन्हें पता था कि मेले में दौरान इकट्ठा हुआ सारा कैश मठ के अंदर ही है।
- जब सारा पैसा महंत का ही है और वह बचपन से मठ में रहते हैं तो वह ऐसी हरकत क्यों करेंगे।
जांच के लिए दस सदस्यीय कमेटी गठित, एसपी से मिलेंगे
सांघी गांव के मंदिर में हुई चोरी को लेकर शाम को गांव में पंचायत बुलाई गई। जिसमें मामले की जांच को लेकर गण्यमाण्य लोगों की दस सदस्यीय कमेटी गठित की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि कमेटी सदस्य और गांव के गण्यमाण्य व्यक्ति मामले को लेकर वीरवार को एसपी से मुलाकात करेंगे। कमेटी के सदस्य एसपी से जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग करेंगे। बैठक में नरेंद्र, अजाद, दलेराम, विरेंद्र, कप्तान, स्नेही, दलबीर, पवन चोटी वाला, हवासिंह, जयपाल, सुरेंद्र, आशीष सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
महंत की सुरक्षा में ग्रामीण तैनात, कमेटी के सामने होगी पूछताछ
गांव में हुई पंचायत के बाद महंत सुंदरनाथ की सुरक्षा में ग्रामीणों को तैनात कर दिया गया है। रात को आठ से दस युवक महंत के साथ मठ में रहेंगे। ताकि कोई अनहोनी न हो सके। वारदात के बाद से महंत काफी डरे हुए है। इसके अलावा ग्रामीणों ने पुलिस के रुख को देखते हुए निर्णय लिया है कि मामले में पुलिस यदि महंत से पूछताछ करेगी तो उस दौरान कमेटी के सदस्य उनके साथ मौजूद रहेंगे।
ग्रामीणों की जुबानी
गांव की प्राचीन मठ में महंत के साथ हुई मारपीट और चोरी की घटना निंदनीय है। प्रशासन से मांग की जाएगी की आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए
नरेंद्र पहलवान डीपी, सांघी
डेरे में चोरी की घटना से गांव में भय का माहौल बना हुआ है। पहले भी गांव में कई बार चोरियां हो चुकी है लेकिन पुलिस प्रशासन सुरक्षा को लेकर खाली दावे करता रहता है।
भगत सिंह, ग्रामीण सांघी
महंत के साथ मारपीट औैर लूट की घटना ने गांव को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस गश्त बढ़ाकर मामले में निष्पक्ष जांच की जाएं।
काला, ग्रामीण सांघी
गांव में रात को पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और चोरी के आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ जाए-
बिजेंद्र, ग्रामीण, सांघी।
पुलिस को एक सप्ताह का समय दिया गया है। अगर जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार नही किया गया तो गांव में बैठक कर आगामी निर्णय लिया जाएगा-
सतीश सरपंच, सांघी
इनके खिलाफ दर्ज हुआ केस
सदर थाना पुलिस ने रोड जाम करने आरोप में महंत सुंदर नाथ, रामभगत, प्रताप, भगतसिंह, बलबीर, उमेद, रामकरण, राजकुमार हुड्डा, सुरजा, रामफल, साधुराम, वजीर, राजपाल, अनिल, सुमित, सुधीर, नवीन, सुनील उर्फ शीन्ना, राजेश, रणधीर, रवि, मंजीत, विजय, सुभाष और आशीष को नामजद करके 200 अन्य ग्रामीणों के खिलाफ केस दर्ज किया है।