अधिक ब्याज का लालच देकर ठगी करने वाले आरोपी को कोलकाता जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाई पुलिस
विश्वामित्र इंडिया परिवार के संचालक ने जिले के 350 लोगों से ठगे थे करोड़ों रुपये
- रिमांड अवधि में आरोपी से ठगी हुई रकम बरामद करेगी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
अधिक ब्याज का लालच देकर लोगों ने ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को रोहतक पुलिस कोलकाता की जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि उसने जिले भर के करीब 350 लोगों से साढ़े तेरह करोड़ रुपये ठगे थे। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश करके छह दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
कोलकाता निवासी मनोज चंद ने वर्ष 2011 में हुडा कांपलेक्स में विश्वामित्र इंडिया परिवार के नाम से कंपनी खोली थी। शुरूआत में काफी बड़ा ऑफिस बनाकर लोगों को फंसाया गया। कंपनी के कर्मचारी लोगों को अधिक ब्याज देने का लालच देकर रुपये जमा करवाने के लिए राजी करते थे। लालच में आकर लोगों ने कंपनी में रुपये जमा करने शुरू कर दिये। जब कंपनी के पास लोगों के करोड़ों रुपये आ गये तो वर्ष 2015 में उसे बंद कर दिया गया। आरोपी ऑफिस बंद करके गुपचुप तरीके से रोहतक से फरार हो गये थे। जब श्रीनगर कॉलोनी और रेलवे कॉलोनी की राजबाला ने पुलिस को शिकायत दी तो मामले का खुलासा हुआ था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी थी।
कई महीनों से कोलकाता जेल में बंद था आरोपी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी मनोज कुमार चंद कोलकाता की जेल में बंद है। इसके बाद रोहतक पुलिस ने कोलकाता पुलिस से संपर्क किया। फिर रोहतक जाकर मनोज को सोमवार को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई। पुलिस का कहना है कि रिमांड अवधि में आरोपी से ठगी हुई राशि को बरामद करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही उसके बैंक खातों की डिटेल खंगालेगी। इसके अलावा आरोपी से उसके अन्य साथियों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
लालच में लंबी अवधि के लिए जमा करवाया रुपया
अधिक ब्याज के लालच में लोगों ने कंपनी में लंबी अवधि में लिए रुपये जमा करवाए। जिले के करीब 350 लोगों ने चार से पांच साल तक के लिए रुपये जमा करवाए। ताकि अधिक ब्याज लगने के बाद रकम में बढ़ोत्तरी हो। आरोपी ऐसे ही शिकार की तलाश में बैठे थे। जैसे ही कंपनी के खाते में करोड़ों रुपया पहुंचा तो वह सारा पैसा हजम करके फरार हो गये। जांच में सामने आया है कि आरोपी कोलकाता जेल में भी ऐसे ही एक मामले में बंद था। उसने देश के कई हिस्सों से करोड़ों रुपये की ठगी की है।
बीमा एजेंट से खुद की कंपनी खोलकर बना चेयरमैन
पुलिस की मानें तो आरोपी काफी समय पहले एक कंपनी में बतौर बीमा एजेंट के तौर पर काम करता था। लेन देने की प्रक्रिया सीखने के बाद आरोपी ने फर्जीवाड़ा करके रुपये कमाने की योजना बनाई। इसके बाद आरोपी ने खुद की कंपनी बनाई और उसमें चेयरमैन के पद पर बैठ गया। इतना ही नहीं आरोपी के पास कई लग्जरी कार भी थी। मामले में जांच अधिकारी एएसआई प्रकाश ने बताया कि रिमांड अवधि में आरोपी से ठगी की रकम को बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में आरोपी के कई साथी भी शामिल थे। उनकी भी तलाश की जा रही है।