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दुष्कर्म के मामले में अदालत ने सुनाई 10 साल की सजा

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9वीं की छात्रा के दुष्कर्मी को 10 साल की कैद
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- दादी और चाची की गवाही पर अदालत ने सुनाया फैसला, दो साल पुराना है मामला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
जिला अदालत ने दुष्कर्म के मामले में चमारिया गांव के दीपक को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। साथ ही एडीजे सोनिका गोयल की अदालत ने पीड़िता को हर्जाना देने की भी हिदायत दी है।
पीड़िता के वकील सोहन लाल के मुताबिक 2015 में नाबालिग किशोरी स्कूल से घर बैंक की पासबुक लेने जा रही थी। चमारिया गांव का युवक दीपक उसे स्कूल के गेट के बाहर मिला और घर तक छोड़ने का झांसा देकर बाइक पर खेतों में बने कमरे में ले गया। वहां पर आरोपी ने नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, डरा धमका कर आरोपी ने उसे रात को कमरे में ही बंधक बनाकर रखा। अगले दिन सुबह उसको स्कूल के पास छोड़ दिया।
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पीड़िता ने घर पहुंच कर परिजनों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। परिजन उसे लेकर महिला थाने में पहुंचे। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, बंधक बनाने, जान से मारने की धमकी देने और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी। सोमवार को कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए दीपक को दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए 10 साल कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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दबाव में नहीं झुकी पीड़ित, डटकर दिया जवाब
पीड़िता के वकील सोहन लाल ने बताया कि केस की सुनवाई के दौरान पीड़िता और उसके परिजनों की गवाही अहम रही। पीड़ित अदालत के अंदर वकीलों के सवालों से घबराई नहीं, बल्कि डटकर जवाब दिए। समझौते के लिए भी दबाव बनाया गया, लेकिन पीड़िता आरोपी को सजा दिलवाना चाहती थी। अदालत ने भी तथ्यों व गवाही के आधार पर आरोपी युवक को सजा सुनाई है।
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