रोहतक।
वरमाला के दौरान दुल्हन पर संदेह व परिवार के साथ बदसलूकी करने वाले दूल्हे के खिलाफ शिकायत थाने पहुंच गई है। लड़की के मामा ने दूल्हे के खिलाफ कार्रवाई की अपील की है। इसमें दुल्हन ने भी दूल्हे पर अभद्रता करने व उस पर गंभीर आरोप लगाने की बात कही है। इसलिए उसने शादी तोड़ने का फैसला लिया। शादी तोड़ने के बाद परिवार ने बेटी को हौसला दिया है। इधर, थाना प्रभारी का कहना है कि शादी टूटने की शिकायत मिली है, मगर परिवार कार्रवाई नहीं करना चाहता है।
बहादुर बेटी के शादी तोड़ने के फैसले के बाद घर में शादी की खुशियां जरूर नजर नहीं आ रही हैं, मगर बेटी सुरक्षित है, इसे लेकर परिवार सुकून से है। परिजनों ने शादी तोड़ने का फैसला बेटी की मर्जी का बताया है। उनका कहना है कि यह उसकी अपनी जिंदगी है। उसे जीवन भर उसके साथ रहना था। इसलिए उसका आश्वस्त होना जरूरी था। वह नहीं चाहती तो यही सही। उसके फैसले से किसी को एतराज नहीं है। उसके आत्म सम्मान से बड़ा कुछ नहीं है। हमने बदसलूकी करने वाले दूल्हे के खिलाफ थाने में शिकायत दी है, मगर फिलहाल कोई कार्रवाई करने को लेकर विचार नहीं है। आगे क्या करना या होना, बाद में देखेंगे। बेटी हमारी है। वह खुश रहे, हम यही चाहते हैं।
आर्य नगर थाना प्रभारी का कहना है कि शुक्रवार रात दुल्हन के शादी से इनकार का मामला आया था। यह कोई आपराधिक मामला नहीं है। लड़की बालिग है। वह अपने भविष्य का फैसला ले सकती है। परिजनों एक शिकायत दी है, मगर उस पर कार्रवाई नहीं करने की बात कही है।
क्या लड़की वालों की कोई इज्जत नहीं, कोई भी बेइज्जत करेगा..
- दुल्हन बोली, मैं अपने मां-बाप, भाई-बहन या परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ एक शब्द नहीं सुनूंगी
- मेरे परिवार का अपमान करने वाले इंसान के साथ एक पल भी नहीं रह सकती
निशा ढुल/अनुराग श्रीवास्तव
रोहतक।
मेरे हाथों की मेहंदी देखो। शादी की तैयारी देखो। मेरे परिवार, मेरी मां ने कितना खर्चा किया। क्या लड़की वालों की इज्जत नहीं होती। कोई आएगा और हमें बेइज्जत करेगा। मैं अपने मां-बाप, भाई-बहन या परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ एक शब्द नहीं सुनूंगी। मेरे परिवार का अपमान करने वाले इंसान के साथ एक पल भी नहीं रह सकती। यह कहते ही शादी तोड़ने का मजबूत फैसला लेने वाली दुल्हन की आंखें नम हो गई। अमर उजाला ने दुल्हन से बातचीत की तो उसने अपना दर्द साझा किया।
दुल्हन ने कहा कि वरमाला के समय मैंने माला डाल दी। वह माला डालने लगा तो मामा के बेटे ने मुझे ऊंचा करने के लिए गोद में उठा लिया। इसी बात पर वह बिफर गया और माला ही तोड़ डाली। वह मेरे परिवार पर कीचड़ उछाल रहा था। इसके बावजूद मेरे परिवार ने ही माफी मांगी। उसने तो अपनी गलती तक नहीं मानी। ब्याह शादी में हंसी मजाक होता है। मुझे गोद में उठाने वाला मेरे मामा का बेटा है। उसे मैं सगे भाई से भी ज्यादा मानती हूं। यही नहीं इससे पहले भी तीन बार वह मुझे टोक चुका था। इसे मैने सामान्य समझ कर छोड़ दिया था। वरमाला से ही वह बोला, इस लड़के का हाथ भी टच नहीं होना चाहिए। शादी की वीडियो बनते समय भी भाई फोटो के लिए आया तो उसे टोका और बोला, बीच में मत आ। वह इंसान शादी से पहले ही शक्की नजर आया। बाद में पता नहीं क्या करता। इसीलिए मैंने उससे शादी नहीं करने का फैसला लिया। अब पढ़ लिख कर अपनी मां का सहारा बनूंगी।
हमनै के बेरा था इसी सोच कै हैं वे..
लड़की मां बोली, हमनै के बेरा था इसी सोच कै हैं। न्यू बेइज्जती करैं तै, अर दाब बणाएं तै, छोरी ना मिल्या करती। मैं तो अपणी बेटियां नै खूब पढ़ाऊंगी अर कामयाब बनाऊंगी। जिसतै उननै किसै आगे झुकणा ना पड़ै। आज काल के लोगां की सोच इतनी गिर री है, अक भाई-बहन के रिश्ते पै भी अंगुली उठावैं सैं। शादी तै पहल्या हमनै छोरे की ज्यां तै ए बात कराई थी।