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वृद्घा आश्रम में वृद्घ ने की आत्महत्या

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फोटो परिचय
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दुकान और घर में हिस्सा न मिला तो दो माह पहले वृद्धाश्रम में आकर रहने वाले वृद्ध ने फांसी लगाकर दी जान
-भाइयों पर घर में नहीं रहने देने का लगाया था आरोप
-परिजन बोले- रमेश की मानसिक हालत नहीं थी ठीक
-कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद मारकंडा का रहने वाला था रमेश
- पुलिस बोली-वृद्ध ने की आत्महत्या, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। भिवानी रोड स्थित वृद्धाश्रम सेवा संघ में शुक्रवार देर रात एक वृद्ध ने दुकान और घर में हिस्सा न मिलने से क्षुब्ध होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दो माह पूर्व परिजनों द्वारा घर से निकालने जाने के कारण वृद्ध वृद्धाश्रम पहुंचा था। लिखित में भी उसने आश्रम में परिजनों द्वारा घर से निकालने की बात दी थी। मामले की सूचना पाते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर परिजनों का दावा है कि वृद्ध की मानसिक हालत ठीक नहीं थी।

जानकारी के अनुसार कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद मारकंडा निवासी 60 वर्षीय रमेश वर्मा बीस जून को रोहतक के वृद्धाश्रम सेवा संघ आश्रम में आया था। बताया गया कि शुक्रवार रात अन्य वृद्धों के साथ रमेश भी सोने के लिए अपने कमरे में चला गया। शनिवार सुबह आश्रम के कर्मचारियों ने रमेश के कमरे को खोलने का प्रयास किया, मगर कमरा नहीं खुल सका। किसी तरह कमरे को खोला गया। कमरे के अंदर देखा कि रमेश ने पंखे में रस्सी का फंदा लगाकर फांसी लगाई हुई थी। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस और एफएसएल इंचार्ज डॉ. सरोज दहिया मौके पर पहुंचीं। जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। आश्रम के अधिकारियों का कहना है कि दो माह पूर्व ही रमेश आश्रम में आया था। आश्रम के संचालक महामंडलेश्वर डा. स्वामी परमानंद जी महाराज ने बताया कि रमेश ने आश्रम में आने से पूर्व लिखित में एक पत्र लिखकर दिया था। जिस पर लिखा हुआ है कि उसके छह भाई उसे घर पर नहीं रहने दे रहे थे। जिसके कारण वह आश्रम में रहना चाहता था। बताया कि इसके अलावा मौखिक रूप से उसने बताया था कि उसके सभी छह भाई की सर्राफ, घड़ी की दुकान है। दुकान और घर में भी उसे हिस्सा नहीं दिया जा रहा था। हालांकि, रमेश के भाई अशोक का कहना है कि रमेश की मानसिक हालत ठीक नहीं थी। इस कारण उसने आत्महत्या की। वह बिना बताए ही दो माह पूर्व घर से आश्रम के लिए चला आया था। उधर पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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पत्नी से हो गया था तलाक
आश्रम के संचालक महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी परमानंद महाराज ने बताया कि जिस समय रमेश आश्रम में आया था उसने आश्रम के मैनेजमेंट को लिखित में एक पत्र दिया था। इसमें रमेश ने बताया था कि उसकी शादी 26 साल पहले हुई थी। शादी के बाद पत्नी झगड़ा करने लगी। इस वजह से शादी के एक माह बाद ही दोनों अलग हो गए थे।
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कुरुक्षेत्र के वृद्ध ने वृद्धाश्रम में आत्महत्या की है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
-मंजित मौर, एसएचओ, थाना सदर
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