स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोनी बार्डर पर किया लिंग जांच करने वालोें का भंडाफोड़
- जमानत पर आये आरोपी समेत सात पर लिंग जांच का मामला दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
स्वास्थ्य विभाग रोहतक की टीम ने उत्तर प्रदेश के बनथला में एक लिंग जांच केंद्र का भंडाफोड़ किया है। इसमें टीम ने अल्ट्रासाउंड संचालक सहित सात लोगों पर मामला दर्ज कराया है। पकडे़ गए आरोपियों में एक व्यक्ति ऐसा भी शामिल है, जिसे लिंग जांच मामले में पहले भी मयूर विहार में पकड़ा गया था। वह हाल ही में जमानत पर आया हुआ था।
जांच टीम के डॉ. विकास सैनी ने बताया कि सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला के आदेशानुसार स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक और लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ किया है। टीम को सूचना मिली थी दिल्ली में लिंग जांच करवाई जाती है। इसके लिए एक गर्भवती महिला को तैयार किया गया और एजेंटों से संपर्क साधा गया। शुक्रवार सुबह वह योजना के तहत दिल्ली गए और आठ बजे पहुंच गए। यहां महिला को इसी समय बुलाया गया था। वह शादीपुर डिपो आठ बजे पहुंचे, लेकिन महिला को बताया गया कि डॉक्टर चला गया है वह सायं चार बजे तक इंतजार करें। गर्भवती महिला ने योजना के अनुसार इंतजार किया। बाद में उसे बताया गया कि जांच के लिए उसे दूर जाना पडे़गा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दिल्ली प्रशासन को सूचना दे कर बुला लिया और वह भी साथ हो गए। यहां एजेंट निर्मला महिला को लेकर इंद्रलोक मेट्रो से गया और दिलशाद गार्डन पहुंच गया।
मेट्रो में महिला एजेंट को एक पुरुष और एक महिला भी मिले ये भी लिंग जांच के लिए जा रहे थे। दिलशाद गार्डन मेट्रो स्टेशन पर एक कार आई और महिला को लेकर लोनी बार्डर क्रास कर बनथला पहुंच गए। इस कार को बलबीर नामक व्यक्ति चला रहा था। डॉ. सैनी ने बताया कि बलबीर को 16 मार्च को मयूर विहार की लिंग जांच करने वालों की रेड में पकड़ा था, पता चला कि वह 16 अप्रैल को ही जमानत पर आया है। हैरानी तो इस बात की थी कि बलबीर फिर वही गाड़ी प्रयोग कर रहा था, जिसमें पहले पकड़ा गया था। बनथला में पहुंच कर टीम ने स्थानीय प्रशासन को इतला किया और पुलिस की मदद ली। जब बलबीर महिला को लेकर वापस आया तो उसके अलावा मेट्रों में मिली गर्भवती महिला और उसके पति को लिंग जांच करवाने के मामले में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने विभाग की ओर से भेजी गई महिला के बताए स्थान पर छापा मारा तो पता चला कि रुपाली डायग्नोस्टिक सेंटर में लिंग जांच होती है। पुलिस ने एजेंट निर्मला को भी गिरफ्तार कर लिया है। जांच के दौरान पता चला कि जांचकर्ता चला गया है और संचालक से अल्ट्रासाउंड केंद्र खुलवा कर जांच की और सील कर दिया गया। गौरतलब है कि इस मामले में एजेंट निर्मला, चालक बलबीर, बलबीर का रिश्तेदार वीरु, बहादुरगढ़ से लिंग जांच कराने गए दंपत्ति, सेंटर मालिक सुनील सहित सात पर मामला दर्ज कराया है। इसमें लिंग जांच के लिए 26 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था और मौके पर टीम ने बलबीर से आठ हजार रुपये बरामद कर लिए हैं। जांच टीम में डॉ. विकास, डॉ. संजीव मलिक, डॉ. विजय, विशाल चौधरी, नीरज, मीनाक्षी, जोगेंद्र सैनी आदि उपस्थित रहे।
ऐसे चल रहा था खेल
बनथला में पकडे़ गए सेंटर पर लिंग जांच में जो मशीन बरामद हुई है। वह कागजों में बंद थी। टीम की मानें तो सेंटर चलाने के समय किसी डॉक्टर के नाम पर लाइसेंस लिया गया था। बाद में डॉक्टर नौकरी छोड़ कर चला गया। अब इसे गैर रेडियोलोजिस्ट व अल्ट्रासोनोलोजिस्ट द्वारा चलाया जा रहा था। मौके पर जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जांच कर्ता डॉक्टर ही नहीं था।
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लिंग जांच मामले का भंडाफोड़ करने वाली स्वास्थ्य विभाग रोहतक की टीम।