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कोटक महिंद्रा बैंक से नए गिरोह ने लूटी नकदी, गिरोह का एक गुर्गा हिरासत में लिया
-लूटपाट करने वाला गिरोह पुलिस के रडार पर, एक दो दिन में मामले का पटाक्षेप कर सकती है पुलिस
-क्लोजिंग में जुटे कर्मचारियों से देर रात हथियार के बल पर नकाबपोश बदमाशों ने दिया था वारदात को अंजाम
विकास सैनी/महबूब अली
रोहतक। शहर के डी पार्क स्थित कोटक महिंद्रा बैंक में साल के आखिरी दिन हुई लूट की वारदात को अंजाम नए गिरोह ने दिया है। गिरोह आसपास के इलाके के लड़कों ने बनाया है। इससे पहले गिरोह के गुर्गे बहादुरगढ़, सोनीपत व एनसीआर इलाके में लूटपाट कर चुके हैं। इस संबंध में हाल ही में मामले दर्ज हुए हैं। इसमें कॉलेज जाने वाले कुछ विद्यार्थी भी शामिल हैं। यह खुलासा पुलिस की अब तक की जांच में हुआ है। यही नहीं पूरा गिरोह पुलिस के रडार पर है। पुलिस एक दो दिन में लूट की वारदात का खुलासा कर सकती है।
बैंक में देर रात हुई लूट मामले की पुलिस की अलग-अलग टीमें मंगलवार को दिन भर पड़ताल में जुटी रहीं। इस मशक्कत का सकारात्मक परिणाम बदमाशाें से जुड़े कुछ तथ्य हाथ लगने पर सामने आए। लुटेरों के गिरोह का एक गुर्गा भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। हालांकि, मामले की जांच को लेकर इसका खुलासा नहीं किया गया है। अब पूरा गिरोह पुलिस के रडार पर है। लूट की वारदात का खुलासा करने के लिए पुलिस की टीम एनसीआर इलाके में कार्रवाई कर रही है। जांच के दौरान नए गिरोह के सदस्यों द्वारा बहादुरगढ़, सोनीपत व एनसीआर इलाके में भी लूट की वारदात को अंजाम देने की बात सामने आई है। इसके सदस्यों में पढ़ने लिखने वाले विद्यार्थी भी शामिल हैं। डीपार्क पर हुई लूट मामले में सीसीटीवी ने पुलिस की बड़ी मदद की है। इसमें कैद हुए चेहरों के आधार पर जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। मंगलवार सुबह पुलिस के अधिकारियों ने बैंक का दौरा कर व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान जांच को लेकर बैंक कर्मचारियों से भी लंबी पूछताछ की।
कैश बटोरने दो बार आए गिरोह के सदस्य
पुलिस की मानें तो निजी बैंक में लूटपाट करने वाला एक ही गिरोह है। गिरोह के गुर्गे दो बार आए। उनका मकसद ज्यादा से ज्यादा कैश लूटना था। पहली बार 7.70 लाख रुपये हाथ लगे। बदमाशों को बैंक में और कैश होने का अंदेशा था। इसके चलते वे दूसरी बार फिर वहां आए।
लुटेरों को बैंक की हर बात की थी जानकारी
बैंक में नकदी लूटने आए गिरोह को हर बात की जानकारी पहले से ही थी। उन्हें पता था कि साल के आखिरी दिन कैश कलेक्शन होना है। यह भी पता था कि बैंक में मोटा कैश आना है। इसके अलावा क्लोजिंग के चलते देर रात तक काम चलने की भी पक्की जानकारी थी। इसके लिए पहले रेकी किए जाने की संभावना है। इसी से उन तक बैंक से जुड़ी जानकारी पहुंची।
साइबर टीम पहुंची बदमाशों के नजदीक
लूट मामले के खुलासे को लेकर पुलिस की साइबर टीम भी जांच में जुटी हुई है। जांच में सामने आया है कि गिरोह के मुखबिर हर पल की सूचना बदमाशों को दे रहे थे। पुलिस ने बदमाशों तक पहुंचने के लिए इलाके के करीब 50 हजार से अधिक मोबाइल रात भर में खंगाल डाले। टावर की रेंज में आए मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।
सड़कों पर चली वाहनों की जांच
बैंक में देर रात हुई लूट की वारदात के बाद मंगलवार को दिन भर पुलिस सड़कों पर रही। इस दौरान नाकों से गुजरने वाले वाहनों की जांच की गई। वाहन चालकों से पूछताछ भी की गई।
बैंक में पुलिस पहरा व सख्ती रही
मंगलवार को बैंक में पुलिस का पहरा रहा। यहां आने वाले हर व्यक्ति को तलाशी के बाद ही अंदर जाने की अनुमति दी गई। सुरक्षा के लिहाज से सख्ती बरतते हुए गार्ड दिन भर बैंक का शटर उठाते गिराते रहे।
वर्जन :
पुलिस लूट मामले की छानबीन कर रही है। गिरोह से जुड़े कुछ सबूत हाथ लगे हैं। जल्दी ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा। वारदात को अंजाम देने वाला नया गिरोह बताया जा रहा है।
-जशनदीप सिंह रंधावा, पुलिस अधीक्षक