अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। शहर की तेज कालोनी में शुक्रवार सुबह दो पक्ष निगम की जमीन में एक बुजुर्ग का अंतिम संस्कार करने को लेकर आपस में भिड़ गए पहले दोनों पक्षों में मारपीट हुई, फिर पथराव भी हुआ। इसमें दोनों पक्षों के पांच लोग घायल हो गए। किसी तरह पुलिस ने बीचबचाव करवाया। साथ ही पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार करवाया गया। नायब तहसीलदार पवन कुमार व डीएसपी रोहताश मौके पर मौजूद रहे। घटनाक्रम के पीछे नगर निगम प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। क्योंकि एक पक्ष जहां डेढ़ एकड़ में पार्किंग बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष श्मशान घर बता रहा है। निगम प्रशासन पूरी तरह मौन है।
तेज कॉलोनी में वक्फ बोर्ड की चार एकड़ जमीन थी। जहां समुदाय विशेष के लोग अंतिम संस्कार करते थे। 2013 में पुरातत्व विभाग ने जमीन निगम प्रशासन को यह कहकर दे दी कि खाली जमीन के अंदर पार्क बनाए जाएं। निगम प्रशासन ने चार एकड़ में पार्क बना दिया, लेकिन साथ लगती डेढ़ एकड़ जमीन छोड़ दी, जहां पर अंतिम संस्कार किए जाते थे। अब निगम की जमीन में टाइल बिछाने का काम चल रहा था। तेज कॉलोनी निवासी रिशु और नवीन ने बताया कि सुबह उनके परिवार के 60 वर्षीय बुजुर्ग राजकुमार की लंबी बीमारी के कारण निधन हो गया। अंतिम संस्कार के लिए अपने पुश्तैनी श्मशान घाट की जमीन पर शव लेकर पहुंचे। आरोप है कि जहां पर कुछ लोगों ने अंतिम संस्कार का विरोध किया। यही नहीं उनके साथ मारपीट की और पथराव भी शुरू कर दिया। इसमें आशीष व विजय को भी चोट लगी है, जबकि दूसरे पक्ष से कमल ने बताया कि जिस स्थान पर शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा है, वहां तत्कालीन मेयर रेनू डाबला व उनके ससुर आजाद डाबला ने पार्किंग बनाने का वादा किया था। अब दोबारा जमीन को कब्जाने के लिए अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
आरोप है कि उन्होंने शव के अंतिम संस्कार करने से मना किया तो उन पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया गया। इसमें सोनू व अनिल को चोटें लगी है। दूसरे पक्ष पर पथराव करने का भी आरोप लगाया। मामले की सूचना पाते ही डीएसपी रोहताश और पुरानी सब्जी मंडी एसएचओ रमेश कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों को किसी तरह शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस से भी लोगों की नोकझोंक हुई। एक पक्ष का आरोप था कि पुलिस की मिलीभगत से ही गली में शव का अंतिम संस्कार कराया जा रहा है। बाद में पुलिस के समझाने पर किसी तरह लोग शांत हुए। अंत में विवादित जमीन पर बुजुर्ग का अंतिम संस्कार किया गया।
तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस फोर्स तैनात
विवादित जमीन पर शव के अंतिम संस्कार को लेकर तनाव की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों के निर्देश पर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया। महिला थाना पुलिस भी सूचना पाते ही मौके पर पहुंच गई थी।
समाज विशेष के दो पक्षों के बीच शव के अंतिम संस्कार को लेकर मारपीट की सूचना थी। पुलिस मौके पर पहुंची। मामला शांत करा दिया गया। मारपीट की बात गलत है। जमीन श्मशान घाट की है या फिर नहीं, प्रशासन इस पर फैसला करेगा
-रोहताश, डीएसपी
वर्जन
तेज कॉलोनी में शव के अंतिम संस्कार को लेकर दो पक्षों के बीच नोकझोंक हो गई थी। सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों को किसी तरह शांत कराया गया
-रमेश कुमार, एसएचओ, पुरानी सब्जी मंडी
पुलिस के सामने ही दोनों पक्षों के बीच होती रही नोक-झोंक
मामले की सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। एक पक्ष की महिलाएं विवादित जमीन पर ही पहुंच गईं और जमकर हंगामा किया। पुलिस के सामने ही महिलाएं दूसरे पक्ष के लोगों से नोकझोंक करती रहीं।
निगम प्रशासन पब्लिक हित में ले फैसला : डाबला
उनका मुख्य उद्देश्य एरिया का विकास करवाना था। खाली जमीन में टाइल बिछाई गई हैं। जमीन की मलकियत निगम प्रशासन की है। पब्लिक हित में निगम प्रशासन को पार्किंग बनाने या श्मशान घर में से एक पर फैसला लेना चाहिए।
-रेनू डाबला, निवर्तमान मेयर नगर निगम
पार्किंग की जगह किया गया अंतिम संस्कार, रोका तो लाठी-डंडों से हमला
कमल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि शमशान घाट के होते हुए भी सार्वजनिक स्थान पर शव का अंतिम संस्कार करने आए थे। विरोध करने पर लाठी डंडों से हमला बोल दिया और पथराव भी किया। इसमें कमल के अलावा बुगल, निर्मला, चांदो देवी घायल हो गए। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
पिता का अंतिम संस्कार करने गए तो कुछ लोगों ने चिता की लकड़ी उठाकर पीटा
मृतक पक्ष के रिषभ ने पुलिस को शिक ायत दी कि मेरेे पिता का देहांत हो गया था। समाज के शमशान घाट पर अंतिम संस्कार करने के लिए गए। जहां पर कुछ लोगों ने विरोध किया। मारपीट और हाथापाई की। आरोप है कि चिता से लकड़ियां उठाकर उनसे भी मारपीट की गई। सात के खिलाफ शिकायत दी है। दो लोग घायल भी हुए हैं।