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सोनीपत हादसे से संबंधित फाइल

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सोनीपत हादसे से संबंधित फाइल
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आठवी के छात्र ने समझदारी का परिचय देते हु, बचाई मजदूरों की जान
राई एचएसआईआईडीसी स्थित फैक्ट्री में आग लगने का मामला
छात्र ने हादसे के दौरान फैक्ट्री के नीचे कमरे की तरफ दौड़ रहे मजदूरों से चीखकर छत से कूदने की दी सलाह
दो दिन पूर्व ही जीजा के पास रहने के लिये आया था बिहार का आठवी का छात्र
चोटिल होने के बावजूद पीजीआई में घायल व झुलसे लोगों की देखरेख में जुटा रहा
महबूब अली
रोहतक।
यदि सोनू उर्फ छोटू नहीं होता तो फैक्ट्री में आग लगने के दौरान हमारी जान जानी भी तय थी। सोनू ने फैक्ट्री के नीचे कमरे से भागने के बजाए मकान की छत से कूदने की सलाह दी। इसके बाद ही हमने छत से कूदकर जान बचाई। हालांकि छत से कू दते समय कर्मचारी घायल भी हो गये। उक्त बातें बिहार निवासी हरेंद्र व सुरेंद्र ने पीजीआई में भर्ती रहने के दौरान कहीं। खास बात यह रही कि फैक्ट्री में लगी आग से बचने के लिये कूदते समय छात्र सोनू भी घायल हो गया था। इसके बाद भी उसकी हिम्मत की हर कोई दाद दे रहा था।
रविवार की सुबह करीब 3 से 4 बजे के बीच सोनीपत के राई एचएसआईआईडीसी स्थित फैक्ट्री में हुई आगजनी में तीन कर्मियों की जिंदा जलकर मौत हो गई जबकि दो के लापता होने की बात कहीं जा रही है। फैक्ट्री में आग लगने के दौरान झुलसे व घायल बिहार के वैशाली निवासी सुरेंद्र, सोनू, कुंदन, हरेंद्र चौधरी, मुजफ्फरपुर निवासी चंदन व धर्मवीर को सोनीपत से पीजीआई के लिये रेफर कर दिया गया था। पीजीआई में अमर उजाला ने भर्ती घायल मजदूरों से आपबीती जानी।
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भर्ती हरेंद्र, सुरेंद्र व चंदन ने बताया कि शनिवार की रात में काम करने के बाद सभी मजदूर फैक्ट्री में ही अपने अपने कमरे में जाकर सो गए थे। सुबह करीब साढे़ तीन बजे दो दिन पूर्व ही फैक्ट्री में अपने जीजा सुरेंद्र के पास आया कक्षा आठवी का छात्र सोनू उर्फ छोटू शोर मचाते सुनाई दिया। शोर सुनकर सभी बाहर निकले तो देखा फैक्ट्री में आग की लपटे निकल रही थी। कर्मचारियों ने नीचे के कमरे से होते हुए बाहर निकलने का प्रयास किया। मगर छोटू ने चिल्लाते हुए कहा कि नीचे आग लगी है। यदि यहां से निकलने का प्रयास करोंगे तो जान भी जा सकती है। इसलिये दूसरी फैक्ट्री की छत से होते हुए बाहर कूद जाओ। मजदूरों ने छोटू की बात मानकर दूसरी फैक्ट्री की छत से होते हुए कूदकर जान बचाई। हालांकि कूदने के प्रयास में सुरेंद्र के अलावा कुंदन, हरेंद्र भी घायल हो गए। जबकि जिन मजदूरों ने छोटू की बात पर ध्यान नहीं दिया, वह आग में बुरी तरह से झुलस गये। यहीं नहीं छोटू ने इसके बाद खुद की भी छत से कूदते हुए ही जान बचाई। पीड़ितों का कहना था कि यदि छोटू नहीं होता तो अन्य मजदूरों की भी जान जा सकती थी।
उधर खास बात यह रही कि फैक्ट्री की छत से कूदकर जान बचाने के दौरान कक्षा आठवी का छात्र छोटू भी खुद चोटिल हो गया। मगर इसके बाद भी वह पीजीआई में सभी घायल व झुलसे लोगों की सेवा करने में लगा हुआ था। हर कोई छात्र की सराहना कर रहा था।
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सोनीपत में पढ़ना चाहता था छोटू
छोटू के जीजा सुरेंद्र ने बताया कि छोटू दो दिन पूर्व ही बिहार से सोनीपत स्थित फैक्ट्री में आया था। वह सोनीपत में अपनी अपनी पढ़ाई करना चाहता था।
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पापा मै ठीक हूं
घायल पीजीआई में दर्द से कराह रहे थे। हालांकि चिकित्सक सभी को उपचार देने में लगे हुए थे। हरेंद्र बार बार फोन पर अपने पापा व अन्य परिजनों से कह रहा था कि वह पूरी तरह से ठीक है। सोनीपत की फैक्ट्री में हादसे की सूचना मिलते ही पीजीआई प्रशासन ने चिकित्सकों व फार्मेसिस्टों को अलर्ट कर दिया था।
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अब हम कभी हरियाणा में काम नहीं करेंगे
सुरेंद्र का कहना था कि दो साल पूर्व ही वह बिहार से सोनीपत में काम करने के लिये आया था। क्योंकि बिहार में उसे नौक री नहीं मिल पा रही थी। मगर अब हादसे के बाद वह कभी भी हरियाणा में नौकरी करने के लिये नहीं आएगा। परिवार को भी जल्द ही साथ लाने वाला था, अब परिवार को लाने का इरादा भी त्याग दिया है।
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फोटो परिचय 18 आरओएच 15 से 21 तक
पीजीआई में पहुंचा घायल सुरेंद्र
पीजीआई में घायल होने के बावजूद भर्ती मरीजों के कार्ड को लेकर जाता सोनू उर्फ छोटू
पीजीआई में भर्ती पीड़ित कुंदन
पीड़ित हरेंद्र चोधरी
पीड़ित चंदन
पीड़ित धर्मवीर
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