एस्टीमेट तैयार कर सड़क निर्माण करवाना भूला विभाग
चरखी दादरी।
दादरी से झोझूकलां तक जाने वाला मार्ग भारी वाहनों के गुजरने से बिल्कुल कंडम हो चुका है। झोझूकलां व आस-पास के गांवों के लोग कामकाज के लिए प्रतिदिन दादरी आने के लिए इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है। करीब तीन माह पहले पीडब्ल्यूडी ने सड़क को कंडम मानते हुए इसकी कायाकल्प के लिए दस करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया था। लेकिन इसके बाद से ही मामला ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। एस्टीमेट तैयार कर विभागीय अधिकारियों ने अप्रैल माह तक निर्माण कार्य शुरू करवाने के दावें ठोके थे लेकिन मई माह बीतने के बाद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। झोझूकलां , झोझूकलां खुर्द, चंदेनी, गुड़ाना व कलियाणा आदि पांच गांवों के सरपंचों ने विभाग से कई दफा सड़क निर्माण की गुहार भी लगाई है। इसके बाद अधिकारी मामले की कोई सुध नहीं ले रहे हैं।
दादरी-झोझूकलां मार्ग पर प्रतिदिन सैंकड़ों वाहनों का आवागमन होता है। अब सड़क बिल्कुल जवाब दे चुकी है और करीब 15 किलोमीटर की दूरी तय करने में दुपहिया वाहन चालकों को भी पौने घंटे का समय लग जाता है। इतना ही नहीं सड़क से गुजरने पर वाहनों को भी नुकसान पहुंचता है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढें बने हुए है। गड्ढों के कारण भारी वाहन इनमें धंस जाते हैं जिससे अन्य वाहन चालकों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। दोपहिया चालकों को वाहन निकालने में काफी परेशानी उठानी पड़ती है। धूल व मिट्टी के कारण लोगों का मार्ग से गुजरना मुश्किल हो गया है। कलियाणा गांव की मुख्य सड़क भी भारी वाहनों के कारण पूरी तरह से कंडम हो चुकी है। ग्रामीण कंडम सड़क के कारण दो दफा जाम भी लगा चुके है लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। कंडम सड़क के कारण हादसों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। सरपंचों व लोगों ने अधिकारियों से जल्द ही सड़क निर्माण की मांग की है।
बाक्स: सरपंच बोले-अधिकारी शुरू नहीं करवा रहे सड़क निर्माण कार्य
1. सरपंच झोझूकलां दलबीर गांधी ने बताया कि कंडम सड़क के कारण ग्रामीणों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। गड्ढों के कारण भारी वाहन धंस जाते है। जिससे अन्य चालकों को काफी परेशानी हो रही है। झोझूकलां से प्रतिदिन सैकड़ो की संख्या में वाहन चालकों को आवगमन होता है। लेकिन विभाग ग्रामीणों की समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
2. झोझूखुर्द सरपंच मनोज ने बताया कि भारी वाहनों के कारण सड़क कंडम हो गई है। विभाग अधिकारियों ने भी इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। प्रतिदिन लोगों का इसी सड़क से आवागमन होता है। गांव में अधिकतर लोगों को रीड़ की हड्डी में दिक्कत हो चुकी है। दोपहिया वाहन चालक गड्ढों के कारण लगातार हादसों का शिकार हो रहे है।
3. गुडाना सरपंच रमेश ने बताया कि झोझूकलां के अधिकतर कामों के लिए लोगों को दादरी जाना पड़ता है। लेकिन सड़क सारी कंडम पड़ी हुई है जिसके कारण लोगों को दादरी के लिए करीब एक घंटा लग जाता है। गांव कलियाणा की मुख्य सड़क भी भारी वाहनों के कारण कंडम हो चुकी है। लेकिन विभाग के अधिकारी सड़क निर्माण की मांग पर कोई ध्यान नहीं दे रहे है।
4. चंदेनी सरपंच प्रतिनिधि राजबीर सिंह ने बताया कि वाहन चालकों को गहरे गड्ढें के कारण आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। बरसात के समय सड़कों पर जलभराव हो जाता है। भारी वाहन धंसने के बाद तो सड़क बंद हो जाती है। दूसरे वाहन चालकों को निकलने में काफी समय लग जाता है। अधिकारियों को समस्या से अवगत करा चुके है लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है।
वर्सन:::
विभाग धीरे-धीरे जिले की सभी सड़कों की मरम्मत व निर्माण कार्य के लिए प्रयासरत्त है। जल्द ही दादरी-झोझूकलां सड़क मार्ग का भी निर्माण करवा दिया जाएगा।
एसडीओ धर्मपाल, पीडब्लूडी विभाग