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आधार कार्ड से फर्जी बैंक खाता लिंक कर हड़प ली विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप

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आधार कार्ड से फर्जी बैंक खाता लिंक कर हड़प ली विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति
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- अनुसूचित जाति वर्ग के दो विद्यार्थियों के हजारों रुपये निकालने का मामला आया सामने
- विद्यार्थियों ने रुपये निकालने वालों के खिलाफ एसपी को दी शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। धोखे से दूसरों का हक मारने वाले हेराफेरी व घपले घोटालों से बाज नहीं आ रहे हैं। अब इनकी नजर विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप पर है। उच्चाधिकारियों की मिलीभगत से कुछ लोग विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप हड़प रहे हैं। ऐसे दो मामले में सामने आए हैं। दिल्ली में पढ़ाई करके रोहतक आए अनुसूचित जाति के दो विद्यार्थियों का हक का रुपया अनजान लोगों ने हड़प लिया। इनमें से एक विद्यार्थी के नाम पर गाजियाबाद के बैंक में खाता खुलवाया गया है। इस खाते को विद्यार्थी के आधार कार्ड से लिंक भी कराया गया है। इस संबंध में दोनों युवाओं ने एसपी को शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है।
केस 1 :
खाते में नहीं आ रही स्कॉलरशिप
दिल्ली विश्वविद्यालय से वर्ष 2013-15 में एमएससी की। यहां अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थी को पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप मिलनी थी। इसके लिए एसबीआई में खाता खुलवाया था। इसे आधार से लिंक भी कराया। इसमें स्कॉलरशिप का एक भी रुपया नहीं आया। अब आरके कालेज ऑफ एजुकेशन से बीएड द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा हूं। यहां भी अपने पहले वर्ष की स्कॉलरशिप अब तक नहीं मिली है। स्कॉलरशिप नहीं मिलने का कारण तलाशने पर घालमेल का पता लगा। समाज कल्याण विभाग ने चंडीगढ़ से मिली जानकारी के तहत बताया कि स्कॉलरशिप राशि पीएनबी के खाते में डाली गई है।
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रिंकू, गिझी, रोहतक।

केस 2 :
एमडीयू से एमए अंग्रेजी विषय में पढ़ाई कर रहा हूं। इससे पहले दिल्ली से वर्ष 2013-14 में एमएसडब्ल्यू किया है। इस दौरान स्कॉलरशिप मिली थी। इसके लिए एसबीआई में खाता खुलवाया। इस खाते में स्कॉलरशिप के 37 हजार रुपये आने थे। काफी समय बाद भी रुपये नहीं आए तो समाज कल्याण विभाग में संपर्क किया। यहां राशि खाते में भेजे जाने की जानकारी दी गई। जबकि अब तक कोई राशि नहीं मिली है। यह राशि किसी और के खाते में चली गई है। इसके लिए आधार नंबर से खाते को लिंक कराया गया है।
दिनेश, रिंढाना।

तीन बार में निकाले 25-25 हजार रुपये
रिंकू ने बताया कि मेरे बैंक खाते में स्कॉलरशिप नहीं आ रही है। इस बारे में समाज कल्याण अधिकारी से संपर्क किया तो चंडीगढ़ से स्कॉलरशिप की जानकारी मंगवाई गई। इसमें पता लगा कि यह राशि पीएनबी के एक खाते में जमा हुई है। यह खाता गाजियाबाद में खुलवाया गया है। रिंकू नाम से यह खाता मेरे ही आधार नंबर से लिंक है। यहां खाता खुलवाने के लिए कराए गए हस्ताक्षर किसी और के हैं। इसमें 25-25 हजार रुपये तीन बार में निकाले गए हैं। किसी ने स्कॉलरशिप की राशि हड़पने के लिए यह फर्जी खाता खुलवाया है।
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आखिर कैसे और कहां हुई चूक
विद्यार्थी के बैंक खाते में आने वाली स्कॉलरशिप की राशि किसी और के पास जा रही है। ऐसे दो मामले सामने आए हैं। इस तरह के और भी मामले होने की आशंका है। विद्यार्थियों की मानें तो उनके दस्तावेजों का गलत उपयोग हुआ है, मगर उनके आधार नंबर का स्कॉलरशिप के लिए दूसरे खाते से लिंक होना सवाल खड़े करता है। ऐसे में इस घालमेल में किसी बड़े गिरोह के सक्रिय होने की संभावना है। गिरोह के साथ दिल्ली के शिक्षण संस्थानों व समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत का भी अंदेशा है। इन्हीं की मदद से गिरोह ने स्कॉलरशिप पाने वाले विद्यार्थियों के आधार नंबर व अन्य दस्तावेज लेकर फर्जी खातों से लिंक कराया। इसके चलते विद्यार्थियों के हक की स्कॉलरशिप दूसरों को मिल रही है।
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