-- पीजीआई के लेबर रूम से बच्चा चोरी का मामला--
दो बार बुलाने पर भी पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए नहीं आई डॉक्टर, पुलिस ने कुलपति को लिखा शब्द
- परिजनों का आरोप- पुलिस खुलासा करने की तरफ नहीं है गंभीर
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पीजीआई के लेबर रूम से बच्चा चोरी के मामले में महिला चिकित्सक दो बार बुलाने के बाद भी पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए नहीं आई। पुलिस ने पीजीआई के अधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेजा है।
रोहतक के डेयरी मोहल्ला निवासी रंजू ने 10 सितंबर 2017 को रोहतक पीजीआई में एक बच्चे को जन्म दिया था। जन्म के 15 मिनट बाद ही बच्चा लेबर रूम से चोरी हो गया था। इसके बाद परिजनों व अन्य सामाजिक संगठनों ने जमकर विरोध किया था। मामले के तूल पकड़ने के बाद लापरवाही बरतने पर स्टाफ नर्स बलजीत कौर को सस्पेंड किया गया था। फिर जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी। इसके बाद एसआईटी ने पीजीआई के डॉक्टर सहित 15 लोगों को पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए चिह्नित किया था। जिनमें से 14 के पॉलीग्राफी टेस्ट हो चुके हैं। लेकिन महिला चिकित्सक पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए नहीं आ रही है।
बहाने बना रही डॉक्टर : डीएसपी
डीएसपी डॉ. रविंद्र कुमार का कहना है कि महिला चिकित्सक बुलाने के बाद भी पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए नहीं आ रही है। इस संबंध में पीजीआईएमएस के कुलपति को पत्र भेजा गया है। एक बार थॉयराइड तो दूसरी बार महिला चिकित्सक ने बुखार का बहाना बना लिया था। उधर, केस का खुलासा न होने पर पीड़ित परिवार में आक्रोश है। पीड़ित परिवार ने एसपी से बच्चे की बरामदगी की मांग की है।