गांधरा के केबल व्यवसायी संदीप की हत्या मामले में पीड़ित अब सड़क पर उतर आए हैं।
डेढ़ माह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से खफा ग्रामीणों ने मंगलवार सुबह 11 बजे रोहतक-दिल्ली नेशनल हाईवे जाम कर दिया।
गिरफ्तार हुए आरोपी को जल्द छोड़ने और तीन आरोपियों के न पकड़े जाने पर बिफरे ग्रामीणों ने सड़क पर टैक्टर-ट्राली अड़ा दिए।
रोडवेज की एक बस को भी बीचोंबीच खड़ा कर लिया गया। पुलिस पर हत्यारोपियों से मिले होने का आरोप लगा नारेबाजी की।
समझाने पहुंचे सांपला थाना प्रभारी और डीएसपी को ग्रामीणों ने बैरंग लौटा दिया। हालात बेकाबू होता देख एसपी को मौके पर आना पड़ा।
ग्रामीणों को एसपी को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। पुलिस अधिकारी के आश्वासन के बाद करीब 2 बजे जाम खोला गया। तीन दिन में हत्यारोपियों को काबू करने, थानेदार वजीर सिंह रेढू का तबादला और पीड़ित परिवार को सुरक्षा की मांग की गई है। मांगें नहीं मानने पर दोबारा जाम की चेतावनी दी गई। जाम के दौरान हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
गांधरा में करीब डेढ़ माह पहले 14 अगस्त की रात केबल व्यवसायी संदीप पर कुछ लोगों ने चाकू से हमला कर दिया था। पीजीआई में इलाज के दौरान संदीप ने दम तोड़ दिया था। मृतक के पिता ने गांव के ही रहने वाले अनिल, मोनू, शेखर, सूंडू व काले पर हत्या का आरोप लगाया। संदीप हत्याकांड में दो आरोपी अनिल व मोनू पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन तीन अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई। इसी से नाराज ग्रामीणों ने महिलाओं समेत जाम लगा दिया। आरोप था कि पुलिस आरोपियों से मिली हुई है। हत्यारोपी गांव में खुले आम घूम रहे हैं और पीड़ितों को धमकी दे रहे हैं। थाना प्रभारी से लेकर डीएसपी तक आरोपियों को काबू करने की अपेक्षा उन्हें पकड़ कर छोड़ रहे हैं। आईजी तक के पास गुहार लगाने के बाद केवल आश्वासन मिला।
परिवार की सुरक्षा के प्रबंध
एसपी शशांक आनंद का कहना है कि पुलिस की तरफ से एक पीसीआर चौबीस घंटे परिवार की सुरक्षा के लिए गांव में तैनात कर दी जाएगी। परिवार के किसी एक सदस्य का आर्मड लाइसेंस बनवाने के लिए कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
नहीं रोका इमरजेंसी वालों को
जाम के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति वाले वाहन को नहीं रोका गया। बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों के वाहन और एंबुलेंस को तुरंत रस्ता दे दिया गया।