अवैध भवन मालिकों से जुर्माना और फीस वसूलने के लिए लोक अदालत का दरवाजा खटखटाने वाले नगर निगम को राहत नहीं मिल सकी। अदालत ने शनिवार को बिल्डिंग लॉ के संबंध में रखे गए 250 के करीब केसों पर सुनवाई नहीं की। अब इन केसों पर सुनवाई चार मार्च को की जाएगी।
बिल्डिंग बायलॉज के तहत नगर निगम क्षेत्र में भवन निर्माण के लिए नक्शा पास करवाना होता है। साथ ही नक्शे के तहत निर्माण भी करवाना होता है, लेकिन निगम ने जांच में पाया कि शहर के अंदर 250 के करीब लोगों ने बिल्डिंग ला तोड़कर निर्माण किया है। किसी ने नक्शा पास नहीं करवाया तो किसी ने पास नक्शे के अनुसार निर्माण नहीं किया। इसके चलते 15 दिन पहले निगम की ओर से लोक अदालत में ऐसे केसों को रखा गया था। लोक अदालत में मामलों को दोनों पक्षों की सहमति से निपटाने का प्रयास किया जाता है। अगर सहमति नहीं बनी तो अदालत अपना निर्णय सुनाती है।