फ्लैग : सैमाण गांव के किसान से रिश्वत लेने का मामला
एडीजे अश्वनी कुमार की अदालत ने सुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
दो साल पहले महम उपमंडल के गांव सैमाण के किसान से रिश्वत लेने के मामले में अदालत ने महम के तत्कालीन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर परवीर मलिक के भाई सोनू उर्फ अनिल मलिक को तीन साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर 2 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। मामले में इंस्पेक्टर को अदालत द्वारा बरी कर दिया गया था।
बता दें कि दो साल पहले सैमाण गांव निवासी नरेश कुमार ने डीएसपी विजय पाल को शिकायत दी कि ट्रैक्टर को जब्त करने के मामले में महम थाना प्रभारी परवीर के कथित भाई सोनू उर्फ अनिल रिश्वत मांग रहे हैं। पुलिस ने दबिश देकर अनिल को 45 हजार रुपये रिश्वत सहित दबोच लिया था। शनिवार को अदालत ने अनिल को जहां भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत दोषी करार दिया, जबकि इंस्पेक्टर परवीर को बरी कर दिया था। अब मंगलवार को अनिल को सजा सुनाई गई। 3 साल सजा होने के चलते दोषी को साथ-साथ जमानत मिल गई।