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एचटेट उम्मीदवारों ने एनसीटीई को भेजा कानूनी नोटिस, कोर्ट केस की तैयारी

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एचटेट उममीदवारों ने एनसीटीई को भेजा कानूनी नोटिस, कोर्ट केस की तैयारी
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- बोर्ड ने दो वर्षों की परीक्षा एक बार में निपटाई, उम्मीदवारों से किया धोखा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
प्रदेश में एचटेट के नाम पर बेरोजगार युवा शिक्षकों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। एनसीटीई (नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर एजूकेशन) से अनुमति लिए बगैर एचटेट की परीक्षा कराई गई है। यही नहीं बोर्ड ने दो वर्षों की परीक्षा एक ही वर्ष में निपटा दी। वह भी नए पाठ्यक्रम अनुसार। इससे नाराज एचटेट उम्मीदवारों ने एनसीटीई को कानूनी नोटिस जारी किया है। उम्मीदवारों ने बोर्ड को 15 दिन का समय देते दिया है। इसके बाद न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया जा रहा है।

आरटीआई से जुटाए दस्तावेजों में हुआ घालमेल का खुलासा
एचटेट परीक्षा को लेकर अधिवक्ता दिग्विजय जाखड़ ने शिक्षा बोर्ड भिवानी से आरटीआई के तहत सूचना मांगी थी। इसमें 23 व 24 दिसंबर 2017 को हुई परीक्षा के बारे में जारी सूचना मांगी गई। इसमें विद्यार्थियों को परीक्षा की सूचना जारी किए जाने के बारे में पूछा गया। इसके जवाब में बोर्ड ने वेबसाइट पर सूचना जारी करने की जानकारी दी। एचटेट 2017 के नियमों के जवाब में सरकारी निर्देशों का हवाला दिया है। इस बारे में एक ही मेमो नंबर से अलग-अलग तिथियों में पत्र जारी किए गए। बोर्ड से कक्षा 10वीं, 11वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को पढ़ाई जाने वाली पुस्तकों, लेखकों व पब्लिशर्स के नाम पूछे गए। इसमें फाइन आर्ट्स व साइकोलॉजी विषय मुख्य हैं। इस बारे में बोर्ड ने कक्षा 11वीं व 12वीं में एनसीईआरअी की निर्धारित किताबों का हवाला दिया है। इसके अलावा फाइन आर्ट्स विषय के लिए सीबीएसई की निर्धारित नए पाठ्यक्रम पर आधारित कोई भी उपयुक्त पुस्तक संस्था के मुखिया की ओर से लगाने की बात कही गई है। जबकि कक्षा दसवीं की पाठ्य योजना में फाइन आर्ट्स व मनोविज्ञान विषय शामिल ही नहीं होने की बात कही गई है।
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बोर्ड ने खुद माना एक बार में निपटाई परीक्षा
आरटीआई में मिली जानकारी के अनुसार, बोर्ड ने खुद माना है कि दो वर्षों की एचटेट परीक्षा को एक ही बार में निपटाया गया है। ऐसे में विद्यार्थियों को परीक्षा पास करने के एक मौके से वंचित रहना पड़ा। नियमानुसार वर्ष 2015-16 व 2016-17 में दो अलग-अलग परीक्षाएं होनी थी। जबकि बोर्ड ने 23 व 24 दिसंबर 2017 को एक ही परीक्षा कराई। यह भी नए पाठ्यक्रम के हिसाब से। बोर्ड ने अपने स्तर पर ही परीक्षा का पाठ्यक्रम बदल दिया। यह पाठ्यक्रम भी परीक्षा से कुछ दिन पहले बदला गया। इस कारण उम्मीदवारों को परीक्षा का नए पैटर्न के हिसाब से तैयारी का समय भी नहीं मिला। परीक्षा में गणित, रीजनिंग व सामान्य ज्ञान के प्रश्न और जोड़ दिए गए। इस कारण परीक्षा का समय भी सभी प्रश्न हल करने के लिए कम पड़ा। यही वजह रही कि इस बार परीक्षा परिणाम दो प्रतिशत से भी कम रहा। इससे उम्मीदवारों में रोष पनप रहा है।

पीजीटी के लिए एचटेट की जरूरत ही नहीं
आरटीआई के तहत मिली सूचना के अनुसार, बोर्ड कक्षा पहली से पांचवीं व छठी से आठवीं तक के लिए एचटेट परीक्षा करा सकता है। इससे अधिक कक्षा के लिए पीजीटी की परीक्षा की जरूरत ही नहीं है। बोर्ड इसके समकक्ष स्क्रीनिंग करता है। इसके बावजूद पीजीटी परीक्षा कराई जा रही है।

वर्जन :
कोर्ट ने दिया प्रेजेंटेशन का निर्देश, काउंसिल चुप
एचटेट उम्मीदवारों ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। इसके चलते अदालत ने प्रेजेंटेशन एनसीटीई को देने के निर्देश जारी किए। उम्मीदवारों ने इस बारे में काउंसिल को पत्र भेज कर प्रजेंटेशन जारी की। इस बारे में अब तक कोई जवाब नहीं दिया गया है। जवाब नहीं मिलने पर फिर से अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
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- दिग्विजय जाखड़, अध्यक्ष, फाइन आर्ट्स एसोसिएशन।

वर्जन :
एचटेट उम्मीदवारों की ओर से एनसीटीई को नोटिस भेजा गया है। काउंसिल ने अपना जवाब नहीं दे रही है। काउंसिल की ओर से 15 दिन में जवाब नहीं मिलने पर हाई कोर्ट में केस दायर किया जाएगा। उम्मीदवारों ने परीक्षा में अनियमितता व घालमेल के आरोप लगाए हैं।
- तेजपाल ढुल, अधिवक्ता।
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