शहर के किला रोड बाजार के पूर्व प्रधान रमेश पुनियानी की हत्या मामले में पुलिस ने सोमवार को हरिद्वार में छापा मारा। यहां से पुलिस के कुछ भी हाथ नहीं लगा। वहां होटल में रुके कमरे का रिकॉर्ड जरूर मिला। सख्ती से पूछताछ के बाद आरोपियों ने व्यापारी से छीनी तीन अंगूठियां, चेन, कड़ा व 20 हजार रुपये रोहतक से ही बरामद कराए। इन्हें लाढौत रोड पर ही जमीन में दबा दिया था।
पुलिस की सीआईए टीम व्यापारी हत्याकांड में छानबीन करते हुए सोमवार हरिद्वार पहुंची। वारदात के बाद आरोपियों ने यहीं शरण ली थी। यहीं किसी को आभूषण बेचे या छिपाए जाने की सूचना थी। कार्रवाई के दौरान केवल होटल में रुकने का रिकॉर्ड ही पुलिस के हाथ लगा। इसके चलते आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई। इसके चलते दोनों ने लाढौत रोड पर ही जमीन में दबे लूट के सामान की बरामदगी कराई। यहीं व्यापारी को लूटा था।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि व्यापारी से करीब 35-36 हजार रुपये मिले थे। इनमें से 20 हजार जेवरों के साथ छिपा दिए थे। हम बाकी रुपये लेकर दिल्ली चले गए। यहां से कुछ कपड़े व अन्य सामान खरीदा। इसके बाद हरिद्वार चले गए। पुलिस ने खरीदे गए सामान की रसीदें बरामद कर ली हैं। अब मंगलवार को पुलिस इन्हें अदालत में पेश करेगा। इनका तीन दिन का रिमांड पूरा हो रहा है। इससे पूर्व पुलिस ने सोमवार दोपहर बाद आरोपी से करीब ढाई घंटे पूछताछ की। पुलिस को और वारदातों के खुलासे की उम्मीद में पूछताछ की।
व्यापारी को दादू कहते थे आरोपी
गुरुनानकपुरा निवासी दीपक ने बताया कि मेरे पिता रमेश पुनियानी ने आरोपियों की मदद की है। वे हर रविवार उन्हें खाना खिलाते थे। जब कभी उन्हें जरूरत होती तो हजार-पंद्रह सौ रुपये भी जेब खर्च के लिए दे देते थे। वे बेरोजगार था। इसलिए उनकी मदद की। इस मदद के चलते वे दोनों उन्हें दादू कहते थे। आरोपी महिला शामली की रहने वाली है। उसका अपने पति से विवाद चल रहा है। उसका बेटा भी वहीं है। मेरे पिता के पास वह यही विवाद खत्म कराने के लिए आई थी। वे बुजुर्ग थे और समाज में उनका रुतबा भी रहा है। इसीलिए इन तीनों आरोपियों की मदद के लिए आगे आए। इन्होंने बदले में ऐसा क्यों या किस लिए किया, ये यही लोग बता सकते हैं।
यह है मामला
किला रोड मार्केट के पूर्व प्रधान रमेश पुनियानी की जूडो के राष्ट्रीय खिलाड़ियों ने लाढौत रोड के खेतों में लूट के बाद नेक लॉक लगाकर गर्दन तोड़कर हत्या कर दी। इसके बाद उसी की स्कूटी से लाढौत बाईपास पर ले जाकर जेएलएन नहर में शव फेंक दिया। आरोपी महिला ने 17 फरवरी को उसे फोन कर एक होटल में बुलाया था। इसके अगले दिन पहरावर के पास उसका शव जेएलएन नहर से बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी ज्योति, हैप्पी और दीक्षांत को हरिद्वार से गिरफ्तार किया। पुलिस ने केस दर्ज जांच शुरू की तो सीसीटीवी फुटेज हाथ लगी। इसी के आधार पर केस की जांच आगे बढ़ी।