झांसी के ध्यानार्थ
फोटो : 4 व 5
दीवार गिरने से दो श्रमिकों की मौत, एक गंभीर
- रामगोपाल कॉलोनी में शोरूम निर्माण के दौरान करीब सात फीट ऊंची दीवार ढह गई, नहीं थे बचाव के साधन
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
दिल्ली बाईपास रोड पर रामगोपल कॉलोनी में एक प्लॉट में चल रहे शोरूम निर्माण के दौरान करीब सात फीट ऊंची दीवार ढह गई। इस हादसे में वहां काम कर रहे श्रमिक दीवार के मलबे तले दब गए। हादसे में एक महिला व एक पुरुष श्रमिक की मौत हो गई। जबकि एक महिला श्रमिक घायल है। देर रात तक पुलिस ने मामले में कार्रवाई नहीं की थी। इसकी वजह मृतकों के परिजनों का यहां नहीं होना बताया गया है। परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
ट्रॉमा सेंटर के बाहर विलाप कर रही मूलरूप से झांसी के निमाड़ी गांव की रामा ने बताया कि उसका पति सुरेंद्र रविवार सुबह काम पर गया था। यहां उसे दीवार तोड़नी थी। ठेकेदार जसविंद्र ने दीवार तोड़ने के लिए कहा था। इस दौरान बचाव के उपाय नहीं किए गए थे। इस कारण दीवार ढह कर सुरेंद्र पर गिर पड़ी। यहीं रमा व एक अन्य महिला भी काम कर रही थी। इन तीनों को मलबे के नीचे से निकाल कर पीजीआई लाए। यहां सुरेंद्र व रमा को मृत घोषित कर दिया गया। जबकि एक घायल महिला का इलाज जारी है। प्लॉट पर शोरूम बनाने का काम चल रहा था। यहां मजदूरों की सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे। दीवार को संभालने पर ठेकेदार ने ध्यान नहीं दिया।
झांसी निवासी साहिल का कहना है कि उसकी नानी रमा काम करते समय दीवार के मलबे तले दब गई। इस हादसे में उसकी मौत हो गई। इस बारे में परिजनों को बताया है। वहां से परिवार के आने के बाद ही पुलिस कार्रवाई करेगी।
श्रमिकों को मुआवजा देने की उठी मांग
भवन निर्माण कामगार यूनियन (सीटू) ने दीवार तले दब कर जान गंवाने वाले श्रमिकों को मुआवजा देने की मांग की है। यूनियन के रोहतक ब्लॉक के प्रधान संजीव सिंह व सचिव नरेश शिमली ने पीड़ित मजदूरों व परिजनों से ट्रामा सेंटर में मुलाकात की। इसके बाद श्रम विभाग व पुलिस प्रशासन से मिलकर मामले में शीघ्र व उचित कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि शहर में पिछले छह महीने में पांच दुर्घटनाओं में नौ मजदूरों की मौत हो चुकी है। ये प्रवासी व अपंजीकृत मजदूर रहे। सरकार झूठे दावे करना छोड़े और सभी निर्माण कामगारों का पंजीकरण जल्द सुनिश्चित करे। हादसे में मरने वाले मजदूर व घायल को उचित मुआवजा दिया जाए। ऐसी घटनाओं पर रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। मजदूरों को काम की जगह सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए जाएं। इस हादसे की भी बड़ी वजह वहां सुरक्षा उपकरणों का अभाव रहा। इस मौके पर कपिल, रामसेवक, जगदीश मौजूद रहे।