छेड़छाड़ के बाद प्रिंसिपल ऑफिस में ही शशि ने दी थी धमकी
उसी समय आरोपी को पुलिस को सौंप देते तो बच जाती रॉकी की जान
- छाती पर हुआ था अंतिम वार, उसी से हुई रॉकी की मौत
- स्थिति को काबू करने को सीएम सिक्योरिटी में तैनात पुलिस बुलाई
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
एबीवीपी के सचिव रॉकी की हत्या को रोका जा सकता था यदि हिंदू कॉलेज प्रशासन शुक्रवार को थोड़ी सक्रियता दिखाता। जब आरोपी शशि और उसके दोस्त को मृतक रॉकी ने पकड़कर प्रिंसिपल ऑफिस में पेश किया था तब आरोपी ने पीड़ित छात्रा से माफी मांगने की बजाए रॉकी व प्रशासन को धमकी दी थी कि जो तुम्हारे से होता है वो तुम करो और जो मेरे से होगा वो मैं कर लूंगा। इसके बावजूद कॉलेज प्रशासन ने आरोपी शशि के खिलाफ पुलिस को शिकायत देकर गिरफ्तार नहीं करवाया। फिर शशि ने अपने प्लानिंग कर साथियों के साथ मिलकर रात को ही रॉकी की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी।
हिंदू कॉलेज के एबीवीपी अध्यक्ष हिमांशु राठी ने बताया कि छेड़छाड़ के अगले दिन शशि के दोबारा कॉलेज में आने पर रॉकी ने उसे व उसके दोस्त को पकड़ लिया था। इसके बाद दोनों को प्रिंसिपल ऑफिस में पेश किया गया था। यहां पर भी आरोपी ने रॉकी को धमकी दी थी। बाद में आरोपी शशि को कॉलेज से बाहर निकाल दिया गया था। रात को ही शशि ने वारदात को अंजाम दे दिया। फिलहाल पुलिस हिरासत में लिये गये आरोपी से फरार शशि व अन्य के बारे में पूछताछ कर रही है।
समझौते के नाम पर धोखे से बुला, की रॉकी की हत्या
जांच में सामने आया है कि कॉलेज के विवाद के बाद शशि ने अपने किसी दोस्त से रात को रॉकी को समझौते के नाम पर घर से बुलाया था। रॉकी आरोपियों के मंसूबों को नहीं जानता था। इस पर वह उनसे मिलने घर से पीछे वाली गली में चला गया। जैसे ही रॉकी उनके पास पहुंचा तो आरोपी शशि ने उस पर चाकू से एक के बाद एक कई वार कर दिये। उसने भागकर एक दुकान में शरण ली तब भी हमलावरों ने उसे नहीं छोड़ा। कई वार होने के कारण रॉकी बेसुध हो गया। इसके बाद आरोपियों ने बुरी तरह से चाकुओं से गोद दिया।
छाती पर हुआ था अंतिम वार, उसी से हुई रॉकी की मौत
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि आरोपियों ने धारदार हथियार से रॉकी के शरीर पर चार वार किये थे। आरोपी शशि ने अंतिम वार रॉकी की छाती पर किया था। छाती पर किये गये इस वार के कारण ही रॉकी का दिल और फेफड़े पूरी तरह डैमेज हो गये। जब परिजन उसे पीजीआई लेकर पहुंचे तो छाती में गहरा घाव होने के कारण ही उसकी जान नहीं बच सकी। छाती के अलावा रॉकी की दायें हाथ, बगल और गर्दन के पीछे धारदार हथियार से वार किया गया था।
स्थिति को काबू करने लिए सीएम सिक्योरिटी में तैनात पुलिस बुलाई
छोटूराम चौक पर पुलिस और मृतक रॉकी के पक्ष में आये लोगों के बीच झड़प होने के बाद स्थिति को काबू करने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सिक्योरिटी में तैनात पुलिस कर्मियों को मौके पर बुलाना पड़ा। सीएम के आने से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर काली कपड़ों में सीआईए 2 के कर्मचारियों को तैनात किया गया था। जब छोटूराम चौक पर स्थिति काबू बिगड़ने लगी तो उन्हें भी मौके पर बुला लिया गया। हालांकि सीएम शाम सवा पांच बजे शहर में पहुंचे।
बाहरी युवक करते हैं छेड़छाड़, विरोध करने पर होती है हत्या
हिंदु कॉलेज की छात्राओं का आरोप है कि उन्हें कॉलेज में आये दिन छेड़खानी का शिकार होना पड़ता है। बाहरी युवक कॉलेज के अंदर आकर अश्लील टिप्पणी व छेड़खानी करते है। इसको लेकर कई बार कॉलेज प्रशासन को शिकायत की गई लेकिन बाहरी युवकों का आना बंद नहीं हुआ। जब बाहरी युवकों से सिक्योरिटी गार्ड आईकार्ड मांगते है तो उन्हें भी धमकी दी जाती है। छात्राओं का कहना है कि अब तो छेड़खानी का विरोध करने पर बाहरी युवक हत्या भी कर देते है। रॉकी ने छेड़खानी का विरोध किया था इसी कारण बाहरी युवक शशि ने उसकी हत्या कर दी।
कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ ही आते हैं बाहरी युवक : प्र्रिंसिपल
जब बाहरी युवकों के कॉलेज में आने के संबंध में प्रिंसिपल डॉक्टर विजय कुमार से बात की गई तो उन्होंने भी चौंकाने वाला बयान दिया। प्रिंसिपल ने कहा कि अधिकतर बाहरी युवक कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ ही अंदर आते हैं। वैसे किसी को भी अंदर नहीं आने दिया जाता। प्रिंसिपल ने कहा कि अब विद्यार्थियों से अपील की गई है कि वह अपने साथ किसी भी बाहरी युवक को कॉलेज के अंदर न लेकर आयें। ताकि छेड़खानी व लड़ाई झगड़े की घटना को रोका जा सके।
एमडीयू, स्टेट यूनिवर्सिटी के बाद अब हिंदू कॉलेज में छेड़छाड़
जिले में छेड़छाड़ की घटनाएं लगातार सामने आ रही है। अधिकतर मामले शिक्षण संस्थानों में सामने आ रहे है। तीन महीने पहले एमडीयू की छात्रा के साथ छेड़खानी हुई थी। यह मामला राज्य महिला आयोग में भी पहुंच गया था। आठ दिन पहले पीजीआई के एक परीक्षा नियंत्रक पर बीडीएस की छात्रा ने छेड़छाड़ केस दर्ज करवाया था। हालांकि इ सके बाद परीक्षा नियंत्रक ने भी छात्रा पर ब्लैकमेल करने का केस दर्ज करवाया था। तीन दिन पहले ही सुपवा में छात्रा से छेड़खानी का मामला आया था। विरोध करने पर आरोपियों ने एक युवक की जमकर पिटाई की थी। अब हिंदू कॉलेज में भी छेड़खानी का विरोध करने पर हत्या का मामला आया है। इन घटनाओं को लेकर पुलिस की व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे है। पुलिस शिक्षण संस्थानों में घूमने वाले मनचलों पर लगाम नहीं लगा पा रही है।
ढाई किलोमीटर तक हड़कंप और अफरातफरी
रॉकी की हत्या के बाद शहर में ढाई किलोमीटर तक हड़कंप और अफरातफरी का माहौल रहा। जब परिजन रॉकी के शव को लेकर भिवानी चुंगी से लेकर चले तो सड़क के दोनों तरफ लोगों की भारी भीड़ थी। जब वह शव लेकर वाल्मीकि चौक पर पहुंचे तो हिसार व शहर की तरफ से आने वाले लोग हंगामे को देखकर सहम गये। जैसे जैसे लोग आगे बढ़ते गये दुकानदार किसी अनहोनी के डर से सामान को दुकान के अंदर रखते चले गये। लोगों के पीछे चल रही पुलिस की दर्जनों गाड़ियों को देखकर भी लोग हतप्रभ थे।
आरोपियों ने बंद की अपनी फेसबुक आईडी, एसआईटी करेगी जांच
वारदात में शामिल कई आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से खुद को सोशल मीडिया से दूर कर लिया है। आरोपियों ने अपना फेसबुक अकाउंट भी बंद कर दिया है। ताकि कोई उनकी लोकेशन या गतिविधि का पता न लगा सके। वहीं, वारदात में शामिल राजेन्द्र कॉलोनी निवासी बल्हारा कुछ दिन पहले ही जमानत पर बाहर आया था। आरोपी शशि का फेसबुक अकाउंट फिलहाल बंद है। दूसरी तरफ एसपी ने अब मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है। फरार आरोपी को पकड़ने के लिए एसआईटी ने छापेमारी शुरू कर दी है।
15 जनवरी को एबीवीपी का सचिव बना था रॉकी
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिंदू कॉलेज के प्रधान हिमांशु राठी ने बताया कि रॉकी को 15 जनवरी को परिषद का सचिव बनाया गया था। उन्होंने कहा कि हिंदू संस्था की तरफ से भी मृतक के भाई की पढ़ाई की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इसके अलावा मृतक के परिवार की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। राठी ने कहा कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। नेकीराम कॉलेज के पूर्व एबीवीपी प्रधान दीपक धनखड़ ने कहा कि अगर सोमवार तक आरोपी नहीं पकड़े गये तो शहर के प्रत्येक कॉलेज पर ताला जड़ दिया जाएगा। अंतिम संस्कार में प्रीतम अहलावत, नेकी राम कॉलेज प्रधान सुमित सिंगल समचाना, कृष्ण, दलाल छारिया, छारा कॉलेज प्रधान अमित दलाल, नेकी रामकालेज उपाध्यक्ष दिनेश, तरुण , मोहित दलाल सहित अन्य लोग मौजूद थे।
वर्जन
हमारे कॉलेज में सिक्योरिटी गार्ड लाइसेंसी हथियार के साथ ड्यूटी पर रहते हैं। बिना आईकार्ड के किसी को अंदर नहीं जाने दिया जाता। एक दो बाहरी युवक छात्रों के साथ ही अंदर चले जाते हैं। भीड़ में तो कोई कुछ बोलता है कोई कुछ। चार सिक्योरिटी गार्ड एजेंसी व दो तीन संस्थान की तरफ से रखे गये हैं।
राजेश सहगल, प्रधान हिंदू शिक्षक संस्थान