एसएससी पेपर आंसर-की मामले में एक और नया खुलासा सामने आया है।
महम नाके के पास से तीसरे आरोपी बड़ाली भैणी महाराजपुर निवासी बिजेंद्र उर्फ मास्टर को अर्बन एस्टेट थाना पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार किया।
हिरासत में अमर उजाला संवाददाता से बातचीत के दौरान बिजेंद्र ने बताया कि आंसर-की 2013 की थी। मेरी तो बुद्धि ही भ्रष्ट हो गई थी, जो इस मामले में फंस गया।
वहीं पुलिस की मानें तो पूछताछ में बिजेंद्र ने बताया है कि उसने ये आंसर-की आसन गांव के छोटू से ली थी। इसके लिए आधे-आधे का सौदा तय हुआ था। इसके बाद इसे दिलबाग को भेजी और फिर नवीन को आंसर-की मिली। वहीं पुलिस को बिजेंद्र का मोबाइल नहीं मिला।
आरोपी ने बताया कि उसका मोबाइल उसकी बहन के घर पर है। पुलिस मोबाइल की बरामदगी और आरोपी के रिमांड के लिए बुधवार को बिजेंद्र को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
एसएचओ नवीन कुमार ने बताया कि आंसर-की की मिलान के लिए एसएससी ऑफिस में टीम को भेजा गया है। एक दो दिन में पुष्टि हो जाएगी कि आंसर-की असली है या नकली।
रविवार को पकड़े गए आरोपी किशनगढ़ के दिलबाग और मदीना गांव के नवीन ने पुलिस पूछताछ में बताया कि ये आंसर-की किसी क्लाइंट को नहीं बल्कि रिश्तेदारी में परीक्षार्थियों को दी थी। पुलिस का मानना है कि आरोपी बयान से गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। आरोपियों से संबंधित रिश्तेदारों के नाम पते लेकर पूछताछ की जाएगी। वहीं पुलिस को अब आसन गांव के छोटू की तलाश है। पुलिस का मानना है कि इस मामले में अभी कई आरोपी और हो सकते हैं।
कड़ी दर कड़ी जुड़ा है मामला
बिजेन्द्र ने बताया कि उसने भाईचारे में आसन के छोटू से आंसर की मांगी थी। इसके बाद छोटू ने बिजेन्द्र से आधे-आधे में सौदा तय किया। कहा कि जितने क्लाइंट को देना उसके बराबर रुपये लिए जाएंगे। इसके बाद बिजेंद्र ने दिलबाग को एक लाख रुपये प्रति क्लाइंट के सिाब से सौदा तय कर आंसर-की दी थी। एएसआई राजेश कुमार ने बताया कि बिजेन्द्र ने अपने मोबाइल से दिलबाग को आंसर की भेजी थी। इसके बाद दिलबाग ने नवीन को और नवीन ने अपने क्लाइंट तक आंसर-की पहुंचाई थी। पुलिस ने बताया कि आरोपी बिजेंद्र करीब 4 साल पहले महम में कोचिंग सेंटर चलाता था। इसके बाद उसने कोंचिग सेंटर बंद करके बीमा करने का काम शुरू कर दिया।
भनक लगते ही आरोपियों ने कई यूजर्स और चैट को किया था डिलीट
पुलिस ने बताया कि आरोपी दिलबाग और नवीन को पुलिस की भनक पहले ही लग गई थी। इसलिए उन्होंने मौका पाते ही मोबाइल से आंसर की शेयर करने से संबंधित चैट को पहले ही डिलीट कर दिया था। अर्बन एस्टेट थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों के मोबाइल में व्हाट्स एप पर आंसर की शेयर करने के कुछ ही यूजर मिले हैं। पुलिस मौजूदा नंबरों को ट्रेस पर लगाकर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
फिर शुरू हुआ गिरफ्तारियों का दौर
रोहतक में पेपर लीक मामले में एक बार फिर से गिरफ्तारियों का दौर शुरू हो गया है। करीब डेढ़ साल पहले पुलिस ने एआईपीएमटी मामले में 40 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मगर उसका मुख्य आरोपी रूपसिंह दांगी अभी तक फरार है।