रोहतक।
पुलिस से बचने को एटीएम बदलकर ठगी करने वाले गिरोह के सदस्यों ने नया तरीका अख्तियार कर लिया है। गिरोह के सदस्य अब पुलिस से बचने को सूट बूट के साथ चश्मा पहन कर एटीएम बूथ पर वारदात को अंजाम देने के लिए पहुंचते हैं। हरियाणा के अलावा गिरोह के सदस्य मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, दिल्ली, पंजाब, देहरादून में भी सक्रिय हैं। पकड़े गए आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा किया है। सीआईए-1 ने हाल ही में एटीएम से रुपए निकालने वाले ठगी करने वाले अंतर राज्य गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया था। पुलिस आरोपी से पूछताछ में जुटी हुई थी।
सूत्रों के अनुसार आरोपी ने खुलासा किया है कि गिरोह में 50 से अधिक सदस्य है। पिछले कुछ समय से पुलिस एटीएम बूथ के आसपास सक्त्रिस्य हो गई थी। गिरोह के कई सदस्यों को पकड़ा जा चुका था। इस कारण पुलिस से बचने को सभी सदस्यों ने अलग तरीका निकाला। इसके लिए नए सूट बूट के अलावा चश्मा पहन कर गिरोह का 1 सदस्य एटीएम बुथ के अंदर जाता है जबकि दूसरा निगरानी के लिए बाहर खड़ा हो जाता है। ताकि पुलिस उन पर शक ना कर सके। इसके बाद उपभोक्ता को झांसे में लेकर एटीएम कार्ड बदलकर रुपए निकालने की वारदात को अंजाम दिया जाता । पुलिस आरोपी से पूछताछ में जुटी है । जल्दी गिरोह के अन्य सदस्यों को भी पकड़ने का दावा पुलिस ने किया है।
गिरोह के पकड़े गए सदस्य ने हरियाणा के अलावा यूपी, गुजरात, मध्य प्रदेश, पंजाब, दिल्ली समेत विभिन्न स्थानों पर कई वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। फरार चल रहे गिरोह के सदस्यों की तलाश में छापामारी की गई मगर सफलता हाथ नहीं लग सकी जल्दी ही फरार आरोपियो को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - बिजेंद्र भंडारी प्रभारी, सीआईए- 1
गिरोह के सदस्यों के बंटे है क्षेत्र
आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि गिरोह के सदस्यों ने एरिया भी बांटे हुए हैं । उसी क्षेत्र में वारदात को अंजाम दिया जाता है । गिरोह के सदस्य अधिकतर क्त्रस्ीम या फिर रेड कलर के सूट को पहनना पसंद करते ताकि उन पर कोई शक ना करें। वारदात के समय सदस्य परफ्यूम का भी प्रयोग करता है।
तुरंत बैंक से करनी चाहिए शिकायत
एलडीएल मुकेश कुमार का कहना है कि ऐटीएम या ऑनलाइन पैसों की धोखाधड़ी होने पर तुरंत सम्बंधित बैंक के अधिकारी से शिकायत करनी चाहिए । बिना एटीएम कार्ड बदले धोखाधड़ी हुई है और बैंक से शिकायत की गई है तो बैंक उसके नुकसान की भरपाई कर सकता है। इसके अलावा आसपास ख?ा व्यक्ति संदिग्ध लगता है तो उसकी शिकायत पुलिस से करे।
मोबाइल का प्रयोग नहीं करते गिरोह के सदस्य
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि गिरोह का कोई भी सदस्य मोबाइल का प्रयोग नहीं करता है । वारदात के समय मोबाइल को अपने घर या फिर कमरे पर छोड़ दिया जाता है। ताकि पुलिस के चंगुल में आसानी से बचा जा सके।