रोहतक। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में शहर के युवक कुलदीप को सात साल कैद और नौ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है, जबकि दुष्कर्म व पोस्को एक्ट के तहत क्लीनचिट दे दी। क्योंकि पुलिस आरोपों को साबित करने के लिए पुख्ता सबूत पेश नहीं कर सकी। पीड़िता के वकील यशबीर दहिया ने हाईकोर्ट में अपील करने की बात कही है।
मामले के अनुसार अक्तूबर 2017 को एक व्यक्ति ने शिवाजी कॉलोनी थाने में शिकायत दी कि उसकी बेटी घर से स्कूल जा रही थी। रास्ते में आरोपी युवक कुलदीप आया और उसकी बेटी का अपहरण करके ले गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की। जांच में पता चला कि कुलदीप लड़की को अपने एक साथी के सहयोग से दिल्ली ले गया। पुलिस ने लड़की को बरामद कर लिया। अदालत में दूसरी बार आईपीसी की धारा 164 के बयान दर्ज कराए तो दुष्कर्म व पोस्को एक्ट भी जोड़ दिया। तभी से जिला अदालत में मामले की सुनवाई चल रही थी। कोर्ट ने तीन दिन पहले कुलदीप को दुष्कर्म व पोस्को एक्ट के तहत क्लीनचिट दे दी, जबकि नाबालिग लड़की का अपहरण करने का दोषी करार दिया। सोमवार को कोर्ट ने कुलदीप को सात साल की कैद व 9 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।