बाघा गैंग के गिरफ्तार इनामी ने एसटीएफ की पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। बाघा, क्रांति, नीरज बवाना गैंग के सदस्यों ने पुलिस से बचने के लिए नया रास्ता अख्तियार कर लिया है। गिरोह के सदस्यों ने पुलिस से बचने को फेसबुक पर 50 से अधिक फर्जी आईडी बनाई है। जिससे गिरोह के सदस्य एक-दूसरे से चैट और वीडियो कॉल करते हैं। पुलिस और एसटीएफ ऐसी 80 आईडी की जांच में जुटी है। एसटीएफ की जांच में आया है कि गिरोह को दिल्ली के एक सफेदपोश का संरक्षण है। एसटीएफ नेता की तलाश में जुटी है।
हाल ही में एसटीएफ ने बाघा गैंग के 75 हजार के इनामी अमित को गिरफ्तार किया था। सूत्रों के अनुसार इनामी ने पूछताछ में बताया कि नीरज बवाना से लेकर क्रांति और बाघा गैंग के सदस्यों ने हाथ मिला लिया है। यहीं नहीं पुलिस से बचने को तीनों गिरोह के सदस्यों ने सोनू से लेकर नीरज, मोनू, राजेश, कमल समेत कई फर्जी नाम से फेसबुक पर आईडी बनाई है। गिरोह के सदस्य आईडी के माध्यम से ही एक दूसरे से चैट करते हैं। लूट से लेकर हमले की वारदात को अंजाम देने के संबंध में भी फेसबुक पर बनाई गई आईडी से ही चैट से लेकर वीडियो काल की जाती है। पुलिस के हाथ करीब 80 आईडी लगी है। जिनमें से 50 आईडी फर्जी नाम से बनाने का खुलासा हुआ है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्यों ने मैसेंजर पर भी ग्र्रुप बनाया है। जिसमें पुलिस की गतिविधियों से संबंधित बातें की जाती है। पुलिस और एसटीएफ ग्रुप की जांच में जुट गई है।
नीरज बवाना, क्रांति गैंग का लगभग खात्मा किया जा चुका है। दबिश दी जा रही है। गिरोह के फरार सदस्यों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
-बीएस संधू, डीजीपी हरियाणा