संशोधित : कभी आचार्य उदयवीर की मौत से चर्चा में था गुरुकुल का नाम
: पूरे प्रदेश के आर्य समाज ने गुरुकुल में पहुंच कर दिया था सम्मान
: 2013 में करौंथा में सतलोक आश्रम को लेकर हुई हिंसा का शिकार हो गए थे आचार्य
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पांच साल पहले आचार्य उदयवीर की वजह से जिस गुरुकुल का नाम आर्य समाज के बीच चमका था और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना था। आज छात्रों के कुकर्म प्रकरण की वजह से गुरुकुल प्रबंधन पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
लाढ़ोत गांव निवासी आचार्य हरिदत्त अविवाहित हैं। उन्होंने छह एकड़ के अंदर गुरुकुल बना रखा है, जबकि बाकी जमीन अपने भाइयों के नाम करवा दी थी। 25 साल से गुरुकुल का संचालन किया जा रहा है। यहां से कई छात्र पढ़कर प्रोफेसर तक बन चुके हैं। इतना ही नहीं, आर्य समाज के अनुसार गुरुकुल में उप प्राचार्य तक रहे आचार्य उदयवीर की शहादत को अब तक वे लोग नहीं भूले हैं। आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान मास्टर रामपाल ने बताया कि 12 जून 2013 को करौंथा के सतलोक आश्रम को लेकर हिंसा भड़क उठी थी। गोली लगने से महिला उर्मिला, युवक संदीप व आचार्य उदयवीर की मौत हो गई थी। उदयवीर के शव को गुरुकुल लाया गया था। अब भी गुरुकुल के अंदर दीवार पर उनकी तस्वीर बनी है। तीनों मृतकों के परिजनों को 11-11 लाख रुपये की सहायता राशि व सरकारी नौकरी मिली थी। छात्रों के प्रकरण की प्रशासन को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
छात्रावास युक्त शिक्षण संस्थाओं में बताएंगे छात्र को गुड टच व बैड टच
छात्र यश गर्ग का कहना है कि गुरुकुल में हुए मामले की पुलिस प्रशासन निष्पक्ष जांच कर रहा है। साथ ही जिला बाल कल्याण समिति भी लगातार बच्चों की काउंसिलिंग कर रही है। उन शिक्षण संस्थाओं में शिविर आयोजित कर गुड टच व बैड टच के बारे में बताया जाएगा, जहां हॉस्टल बने हैं। उक्त शिक्षण संस्थाओं में बच्चों की व्यक्तिगत विशेष काउंसलिंग शुरू की जायेगी। ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।