बाबा मस्तनाथ विवि में स्टाफ ने बीएड कॉलेज की डीन को पीटा
- डीन ने विवि प्रशासन पर लगाया इस्तीफा देने के दबाव बनाने का आरोप
- महंत ने कैंपस में हुए झगड़े को बताया शिक्षकों के बीच का आपसी मामला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के बीएड कालेज की डीन को स्टाफ ने पीट डाला। डीन ने इस घटना को सोची समझी साजिश बताते हुए विवि प्रशासन पर अंगुली उठाई है। डीन ने पिटाई की वजह उन पर अपने पद से इस्तीफा दिए जाने का दबाव बनाना बताया है। इधर, मठ के महंत ने आरोपों को सिरे से नकारते हुए किसी तरह का दबाव या विवाद नहीं होने की बात कही है। महंत ने घटना को शिक्षकों के बीच का आपसी झगड़ा बताया है।
मारकंडे सरकार गई अब मंत्री भी जाएंगे
बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के बीएड कालेज की डीन कमलेश मलिक ने विश्वविद्यालय व पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पिछले साल 19 दिसंबर को वह तीन महीने की छुट्टी लेकर अपने बेटे के पास अमेरिका चली गईं। छुट्टी की तारीख 12 मार्च तक वैध थी। वापस आकर ड्यूटी ज्वाइन करने पहुंची तो कालेज प्रशासन की तरफ से इस्तीफे का दबाव डाला गया। उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। अपनी करीब बीस साल पुरानी नौकरी व आत्म सम्मान बचाने के लिए न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। न्याय ने 28 अप्रैल को फैसला उनके पक्ष में दिया। आदेशों की प्रति कार्यालय पहुंचने पर कालेज का पूरा स्टाफ मेरे खिलाफ लामबंद हो गया। विभिन्न तरीकों से बेइज्जत किया गया। कक्षा में पढ़ाने के दौरान कालेज की प्राध्यापिका व अन्य वहां आई मारपीट की। जबरन कक्षा से बाहर निकाल कर जान से मारने की धमकी दी। उसी समय विश्वविद्यालय की तरफ से नियुक्त एडवोकेट ने वहां पर आकर अभद्रता की। उसने धमकाते हुए कहा कि आपको कॉलेज न आने और इस प्रकार के हमले की चेतावनी दी गई थी। विश्वविद्यालय में एक डीन के साथ इस तरह व्यवहार शर्मनाक है। स्टाफ ने उससे कहा कि मारकंडे सरकार गई अब मंत्री भी जाएंगे।
गुटबाजी के चलते किया जा रहा प्रताड़ित
विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कालेज में गुटबाजी व राजनीति के चलते उन्हें जानबूझ कर प्रताड़ित किया। इस्तीफे के लिए मजबूर किया जा रहा है। यहां बात केवल नौकरी की नहीं, बल्कि स्वाभिमान की है। इससे समझौता नहीं किया जाएगा। इंसाफ के लिए सर्वोच्च न्यायालय की भी शरण लेने से परहेज नहीं बरता जाएगा।
पुलिस ने शिकायत के रजिस्ट्रेशन नंबर के लिए थाने में बैठाया
परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई। जब ऑनलाइन पोर्टल के जरिए पुलिस में शिकायत भेजी गई तो अर्बन स्टेट पुलिस ने ढुलमुल रवैया अपनाते हुए शिकायत के रजिस्ट्रेशन नंबर के लिए कई घंटे थाने में बिठाये रखा। वह भी तब जब महज एक दिन पहले रोहतक रेंज के पुलिस महानिरीक्षक महिलाओं की सुरक्षा में किसी प्रकार की कोताही न बरतने के आदेश जारी कर चुके हैं।
झगड़ा शिक्षकों के बीच का आपसी मामला, करेंगे जांच
बाबा मस्तनाथ मठ के महंत बालकनाथ योगी ने बताया कि तीन शिक्षकों के बीच झगड़ा हुआ है। इस बारे में सुरक्षा कर्मचारियों से सूचना मिली। डीन के साथ मारपीट नहीं हुई है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। डीन पर नौकरी से हटाने का कोई दबाव नहीं बनाया जा रहा है। वे खुद की ड्यूटी पर नहीं आ रही थी। विवि चाहता है कि शिक्षक ड्यूटी पर आएं और काम करें। जानबूझकर मुद्दा बनाया जा रहा है।