अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पहरावर गांव की युवती पूजा की हत्या नहीं हुई, बल्कि उसने दहेज उत्पीड़न के चलते जहर खाकर जान दे दी। एडीजे सोनिका गोयल की अदालत ने वीरवार को मृतक महिला के पति सैनिक कॉलोनी निवासी प्रियव्रत, जेठ संदीप और जेठानी संतोष को सात साल कैद की सजा सुनाई है। जबकि दहेज मांगने पर तीन साल कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माना भरने का फैसला दिया है। जुर्माना न भरने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अदालत ने साफ किया है कि दोनों सजा एक साथ चलेंगी।
पीड़ित पक्ष के एडवोकेट प्राणनाथ कथूरिया ने बताया कि पहरावर निवासी देव ने अपनी बेटी पूजा की शादी 2014 में सैनिक कालोनी निवासी प्रियव्रत के साथ की थी। शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वालों ने पूजा से दहेज मांगना शुरू कर दिया। पति, जेठ व जेठानी जेवरात व नकदी मांगते थे। 2 फरवरी को उसने फोन मिलाकर कहा कि उसकी बेटी पूजा से बात कराओ। ससुराल वालों ने कहा कि पूजा को पीजीआई में दाखिल है। वह पीजीआई पहुंचा जहां पूजा उल्टी कर रही थी। वहां से वह अपनी बेटी को निजी अस्पताल में ले गया। अगले दिन उसकी मौत हो गई। देव ने सदर थाने में केस दर्ज कराया था कि पति, सास, जेठ व जेठानी ने मिलकर पूजा को दहेज न मिलने पर जहर दे दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया, लेकिन सांस ब्रह्मे देवी की अदालत में केस के दौरान मौत हो गई। जबकि पति, जेठ व जेठानी को मंगलवार को कोर्ट ने दोषी करार दिया। वीरवार को अदालत ने दहेज के लिए आत्महत्या के लिए मजबूर करने पर सजा सुनाई। हालांकि पीड़ित पक्ष मांग कर रहा था कि हत्या का दोषी मानते हुए तीनों को आजीवन कारावास तक की सजा दी जाए।