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बी टेक के छात्र द्वारा आत्महत्या के मामलों से संबंधित फाइल

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बी टेक के छात्र द्वारा आत्महत्या से संबंधित फाइल
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कहीं परीक्षा में फे ल होने तो कहीं परिजनों के डांटने से आत्महत्या कर रहे छात्र
- मनोवैज्ञानिक इसके लिए पारिवार के लोगों की अनदेखी को भी मानते है जिम्मेदार
- छह माह में 20 छात्र दे चुके जान
अम उजाला ब्यूरो
रोहतक।
कहीं गर्लफ्रेंड के धोखा देने तो कहीं परीक्षा में फेल होने और मां-बाप के डांटने भर मात्र से क्षुब्ध होकर छात्र फांसी लगाने से लेकर गोली मारकर आत्महत्या कर रहे हैं। छात्र एवं छात्राओं द्वारा आत्महत्या के मामलों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। मनोवैज्ञानिक इसके लिए परिवार की अनदेखी और पारिवारिक माहौल को भी जिम्मेदार मान रहे हैं।
फ्लैश बैक में जाए तो बुधवार की रात ही बी टेक के छात्र ने फांसी लगाकर जान दे दी। गर्लफ्रेंड के नाम सुसाइड नोट छोड़ा। जिस पर गर्लफ्रेंड के धोखा देने से क्षुब्ध होकर आत्महत्या की बात कहीं थी। इसके अलावा एमडीयू में फार्मेसी तृतीय वर्ष के छात्र हेम सागर ने आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने दो के खिलाफ केस दर्ज कराया था। मगर पुलिस आरोपियेां को गिरफ्तार नहीं कर सकी थी।
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इसके अलावा दिसंबर में परीक्षा में फेल होने पर छात्रा ने पिता की लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
इसके अलावा सितंबर माह में सांघी में परिजनों के डांटने भर मात्र से युवक ने आत्महत्या कर ली थी। पिछले छह माह में 20 छात्र एवं छात्राएं जान दे चुके हैं।
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छात्र-छात्राओं के आए दिन आत्महत्या करने के पीछे परिजनों की अनदेखी और पारिवारिक माहौल भी जिम्मेदार है। परिजनों को बच्चों से दोस्ताना व्यवहार रखना चाहिए। साथ ही उनकी परेशानी को दूर करने का प्रयास करना चाहिए। -डॉ. विनय कुमार, मनो वैज्ञानिक
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