सत्यवान मलिक हत्याकांड:
गुजरात भागने की फिराक में था एक लाख का इनामी, दिल्ली आईएसबीटी से गिरफ्तार
- अजय उर्फ बिट्टू के साथ मुठभेड़ के दौरान मौके से हो गया था फरार
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पुलिस की एवीटी टीम ने वकील सत्यवान मलिक हत्याकांड में शामिल एक लाख रुपये के इनामी बदमाश सोनीपत के मंडोरा गांव निवासी ललित उर्फ लक्की को गिरफ्तार किया है। आरोपी दिल्ली के आईएसबीटी बस अड्डे से गुजरात भागने की फिराक में था। पुलिस ने मंगलवार को आरोपी को कोर्ट में पेश करके तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
एसपी पंकज नैन ने बताया कि पुलिस की एंटी व्हीकल थेफ्ट व डिटेक्शन टीम के प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज वर्मा को सोमवार रात को सूचना मिली थी कि सत्यावन मलिक हत्याकांड में वांछित एक लाख रुपये इनामी बदमाश ललित उर्फ लक्की दिल्ली के आईएसबीटी बस स्टैंड पर आएगा।
आरोपी यहां से गुजरात के कच्छ जाने की फिराक में था। कच्छ में उसके गैंग के सरगना सोनीपत जेल में रूपेंद्र उर्फ नान्हा का ठिकाना था। इंस्पेक्टर मनोज वर्मा एसआई धर्मवीर, सुभाषचन्द्र व मुख्य सिपाही राकेश के साथ आईएसबीटी पहुंचे। यहां पर जैसे ही सोनीपत की बस से आरोपी ललित उर्फ लक्की को उतरा तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मुठभेड़ के दौरान हो गया था फरार
आरोपी लक्की बड़वासनी गैंग के मुखिया अजय उर्फ बिट्टू के साथ 18 जनवरी को वकील सत्यवान मलिक के भाई की हत्या करने रोहतक आया था। तभी पुलिस को इसकी सूचना मिल गई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को आईएमटी क्षेत्र में घेर लिया था। मगर पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसमें अजय गोली लगने के बाद पकड़ा गया था जबकि आरोपी लक्की मौके से फरार हो गया था। लक्की अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या, हत्या का प्रयास, लूट की कई वारदात में शामिल रहा है।
मुठभेड़ के बाद मेरठ, फिर महाराष्ट्र चला गया था आरोपी
पुलिस पूछताछ में आरोपी लक्की ने बताया कि वह मुठभेड़ के बाद सबसे पहले सोनीपत गया था। यहां से मेरठ के मोदीनगर और मवाना में गया। यहां पर कुछ दिन किराये के कमरे में रहा। जब पुलिस के आने की भनक मिली तो यहां से भी फरार हो गया। इसके बाद आरोपी अपने आका रूपेंद्र के महाराष्ट्री के ठिकाने पर चला गया था। यहां से ही सोनीपत आया था।
बीटेक पास करके जुड़ा बड़वासनी गैंग से
इंस्पेक्टर मनोज वर्मा ने बताया कि आरोपी ललित उर्फ लक्की बीटेक पास है। वह चार साल पहले संदीप बड़वासनी के संपर्क में आया था। फिर अपना घर छोड़कर संदीप बड़वासनी के साथ रहने लगा था। कुछ दिन बाद ही वह संदीप गैंग का प्रमुख सदस्य बन गया था। संदीप बड़वासनी की हत्या का सत्यावन मलिक पर था। अक्तूबर 2017 में विकास उर्फ दुधिया की हत्या के आरोप में जेल में बंद रुपेंद्र उर्फ नान्हा ने सोनीपत कोर्ट में पेशी के दौरान ललित उर्फ लक्की के माध्यम से अजय उर्फ बिट्टू को सत्यावन मलिक की हत्या करने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
मलिक हत्याकांड के बाद करनी थी चार और हत्या
समय के रहते पुलिस ने बड़वासनी गैंग के आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों ने खुलासा किया कि मलिक हत्याकांड के बाद गैंग को सोनीपत, दिल्ली और रोहतक चार और लोगों की हत्या करनी थी। जांच में सामने आया कि मलिक हत्याकांड से पहले ललित उर्फ लक्की ने अपने गैंग के मास्टरमाइंड अजय उर्फ बिट्टू से संपर्क करके गैंग के सदस्यो को गुरुग्राम में इकट्ठा किया तथा सत्यवान मलिक की हत्या करने के लिए प्लान तैयार किया। मलिक की हत्या के दिन भी आरोपी मौके पर ही मौजूद था। उसकी हत्या के बाद आरोपियों ने ओमेक्स सिटी में गाड़ी छोड़ दी थी। फिर पूरी रात झाड़ियों में बिताकर अगले दिन गुरूग्राम आ गये थे। इस मामले में अभी तक रुपेन्द्र उर्फ नान्हा, राजेश, अजय उर्फ बिट्टू, विकाश उर्फ फौजी, विकाश उर्फ एकशन, सुमित, कृष्ण उर्फ सेठा, दलीप रेड्डी, रविन्द्र खाती, ललित उर्फ लक्की आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।