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खड़े पिकअप से टकराई स्कूल वैन, ड्राइवर सहित आधा दर्जन बच्चे घायल

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खड़े पिकअप से टकराई स्कूल वैन, ड्राइवर सहित आधा दर्जन बच्चे घायल
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- परिजनों ने लगाया सांपला सामुदायिक केंद्र पर इलाज में लापरवाही का आरोप

अमर उजाला ब्यूरो
सांपला।
सांपला के एक निजी स्कूल की वैन के ड्राइवर ने शनिवार सुबह एक दर्जन बच्चों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया। ड्राइवर ने बच्चों से भरी स्कूल वैन इस्माईला गांव के पास एक खड़ी पिकअप गाड़ी में ठोक दी। इस हादसे में ड्राइवर सहित आधा दर्जन बच्चे घायल हो गए। इनमें दो की हालात गंभीर बताई जा रही है। वे एक निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। खबर लिखे जाने तक पुलिस ने किसी पर मामला दर्ज नहीं किया है। पुलिस अभी जांच में जुटी हुई है।
सांपला मंडी स्थित एक निजी स्कूल की एक वैन को सांपला निवासी ड्राइवर महबूब सोनल शनिवार को बच्चों को स्कूल लाने के लिए इस्माईला गांव गया। गांव से करीब एक दर्जन बच्चों को वैन में बैठाकर वह स्कूल की ओर जा रहा था। इसी दौरान वैन का इस्माईला बाईपास के पास संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते वैन रोड पर खड़ी पिकअप बोलेरो गाड़ी में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कूल वैन आगे से बिल्कुल तहस-नहस हो गई। चीखपुकार सुन वहां से गुजरने वाले राहगीरों व ग्रामीणों की सहायता से बच्चों को वैन से निकाला और सांपला सीएचसी में दाखिल कराया गया। चोट ज्यादा गंभीर होने के कारण ड्राइवर सहित दो बच्चों को पीजीआई रेफर कर दिया गया। बाकी को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। हादसे में ड्राइवर महबूब सोनल, छठी कक्षा के अमन कुमार, सुमित, दिव्या, अमन, नैंसी व दो अन्य बच्चे घायल हुए हैं। बच्चों के परिजनों ने वैन ड्राइवर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है। हालांकि अभी तक पुलिस ने किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया है।
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सांपला सीएचसी पर लापरवाही का आरोप
घायल के परिजनों ने सांपला सीएचसी पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका आरोप था कि हादसे में घायल अमन को प्राथमिक उपचार के बाद ही छुट्टी दे दी गई। घर पहुंचने पर अमन ने सिर में दर्द होने की बात कही। तब उसे सांपला के निजी सूर्या अस्पताल में दाखिल कराया गया। यहां उसके सिर का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के दौरान उसके सिर में 30 टांके आए हैं। इतनी बड़ी गलती बच्चे की जान भी ले सकती थी।

वैन में नहीं थे कैमरे
जिस स्कूल वैन का हादसा हुआ है, उसमें कैमरे नहीं थे। इसके अलावा वैन पर हेल्प लाइन या शिकायत नंबर भी लिखा गया था। इससे स्कूल की लापरवाही साफ दिखाई दे रही है। निजी स्कूल सुविधाओं के नाम पर फीस तो अधिक लेते हैं। लेकिन सुविधाएं पूरी देने के बजाए बस खानापूर्ति ही करते हैं।
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सालभर में एक भी स्कूल बस का चालान नहीं
हादसे के बाद प्रशासन पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। स्कूलों की बसों में कई खामियां देखी जा सकती हैं। लेकिन सालभर से पुलिस ने एक भी स्कूल बस का चालान नहीं किया है। स्कूलों में बिना हैवी ड्राइविंग लाइसेंस के की ड्राइवर को रख लिया जाता है। इस्माईला बाईपास पर हुआ हादसा ड्राइवर की लापरवाही दर्शा रहा है।

फोटो कैप्शन 7 - हादसे के बाद तहस-नहस प?ी स्कूल वैन
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