रोहतक। दो दिन पहले एमडीयू की छात्रा के कथित तौर पर लिंग परिर्वतन कराने का मामला अब गरमाने लगा है। इस मामले में दो छात्राओं के खिलाफ मिली शिकायत के आधार पर एडीयू प्रशासन ने छह सदस्यों की जांच टीम गठित की है। कमेटी ही अब तय करेगी कि छात्रा की मेडिकल जांच होगी या नहीं। दूसरी तरफ आरोपी छात्रा शुक्रवार को भी अपना पक्ष रखने के लिए रजिस्ट्रार के पास नहीं पहुंची है। अमर उजाला को उसने फोन पर बताया कि अब इतनी बदमानी हो ही गई तो सफाई देने क्यों जाऊं। हालांकि जब उससे रिपोर्ट मांगी गई तो वह टालमटोल करने लगी। उसकी दोस्त ने लिंग परिर्वतन से इनकार करते हुए दावा किया कि उसकी सहेली ने दिल्ली में स्तन कैंसर का इलाज कराया है। वह जल्द ही इलाज संबंधी रिपोर्ट सार्वजनिक करेगी।
एमडीयू में दो छात्राओं के खिलाफ मिली दो अज्ञात शिकायतों ने संस्थान में सभी को हैरत में डाल दिया है। इसमें हॉस्टल में रह रहीं दो छात्राओं में से एक पर सवाल उठाया गया कि एक छात्रा अपना लिंग परिवर्तन कराने की मेडिकल प्रक्रिया में शामिल है। सूत्रों के अनुसार संस्थान में तकरीबन एक माह पहले भी शिकायत आई थी। इस मामले को अज्ञात शिकायत मान कर प्रशासन ने पहले हल्के में लिया, जबकि हाल ही में एक और शिकायत प्रशासन को मिली। इस शिकायत के आधार पर बताया जा रहा है कि दोनों छात्राओं को हॉस्टल में रहने की अनुमति नहीं दी गई है। इस विवाद के खड़ा होने पर एमडीयू में हड़कंप मचा है कि ऐसा कैसे संभव है। वार्डन बता रही हैं कि वह तो पहचान पत्र को आधार मान सकती हैं कि विद्यार्थी लड़की है या लड़का। जबकि कुछ लोग वार्डन को ही सवालों में ला रहे हैं कि कई लड़कियां हॉस्टल में सिर्फ रहती हैं। वह पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी कर रही हैं। हॉस्टल के गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने बताया कि वह पहले सभी लड़कियों के पहचान पत्र देख कर ही हॉस्टल में आने की अनुमति देते थे, लेकिन लड़कियों ने हंगामा कर इसमें छूट पा ली। अब गेट पर सिर्फ उन्हीं लड़कियों को जांच के लिए रोका जाता है, जिस पर संदेह होता है। कोई लड़की है या वह लिंग परिवर्तन करा कर लड़का बन गई है इसका वह क्या बता सकते हैं। बताया जा रहा है कि दोनों लड़कियां पिछले छह साल से संस्थान के हॉस्टल में रह रही हैं। फिलहाल हॉस्टल में स्कॉलर लड़कियां ही रह रही हैं और अन्य लड़कियां घर जा चुकी हैं।
इस मामले में छह सदस्यों की कमेटी जांच कर रही है। इस कमेटी को मुख्य रूप से लीड प्रोफेसर नीना सिंह कर रही हैं। शनिवार को कमेटी अपनी रिपोर्ट जांच के बाद सौंपेगी और अपनी राय देगी। कमेटी के आधार पर ही अगली कार्रवाई होगी। लड़की का मेडिकल कराना है या नहीं, यह भी कमेटी ही तय करेगी।
-गुलशन तनेजा, रजिस्ट्रार, एमडीयू
लिंग परिवर्तन मामले में प्रो. नीना सिंह के नेतृत्व में कमेटी गठित की गई है। शिकायत ईमेल से मिली है। इसमें सुनवाई के लिए दूसरे पक्ष को भी बुलाया जाएगा। कमेटी में एक प्रॉक्टर व एक विधि विभाग के प्रोफेसर भी शामिल होंगे।
-प्रो. राजबीर सिंह, कुलपति, एमडीयू
सहेली का दावा : स्तन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है आरोपी छात्रा
सहेली ने बताया कि उसकी दोस्त ने किसी प्रकार का कोई लिंग परिवर्तन नहीं करवाया है, बल्कि वह स्तन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है। उसने एक दोस्त के नाते उस लड़की की मदद की है। उसने बताया कि वह स्तन कैंसर के इलाज के लिए दिल्ली गई थी। वर्तमान में वह अस्पताल से छुट्टी लेकर रोहतक आ गई है। उसने बताया कि उसकी बीमारी के कारण ही वह व उसकी अन्य दोस्त उसका ख्याल रख रही थी, जिसे अन्य छात्राओं द्वारा गलत समझ लिया गया। उसने बताया कि आरोप लगने के बाद से उसकी सहेली मानसिक तौर बेहद परेशान है।
25 को पूरा हुआ सेशन, 30 जून तक खुद ही करना था हॉस्टल खाली
लिंग परिवर्तन करवाने की आरोपी छात्रा की दोस्त ने बताया कि 25 जून को उनका शैक्षणिक सत्र खत्म हो गया था। विश्वविद्यालय के नियम के अनुसार उन्हें 30 जून तक हॉस्टल खाली करना था। इस कारण विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उन्हें हॉस्टल से निष्कासित करने का फैसला पूर्णत: बेतुका है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से यह कदम उन्हें बदनाम करने के लिए उठाया गया है।
स्तन कैंसर के इलाज के लिए बाल रखे थे ब्वॉय कट
छात्रा की दोस्त ने बताया कि स्तन कैंसर के इलाज के दौरान उसने ब्वॉय कट की कटिंग रखी थी। इसके बाद से उसने लड़कों की तरह खुली टी-शर्ट व शर्ट पहनना शुरू कर दिया।