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मृतक के परिजन और प्रशासनिक अधिकारी दस घंटे रहे आमने-सामने

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रोहतक। पब्लिक हेल्थ के डिस्पोजल पर मारे गए वाटर पंप ऑपरेटर सहित चार श्रमिकों के परिजन और प्रशासनिक अधिकारी वीरवार को पीजीआईएमएस के शव गृह के बाहर तकरीबन दस घंटे आमने-सामने रहे। हैरानी की बात रही कि यहां आए कुछ राजनीतिक व सामाजिक लोगों को पीड़ितों का दर्द नहीं दिखाई दिया और जमकर चार मौत पर राजनीति की गई। मौत पर सियासत हुई। किसी नेता ने परिजनों के लिए दस लाख, तो किसी समाज ने 20 लाख तो किसी पदाधिकारी ने 25 लाख रुपये सरकार से परिजनों को राहत राशि के रूप में देने की मांग की। अंत में प्रशासन ने सहायता राशि के रूप में दस-दस लाख रुपये मुआवजा देने की बात कही।
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शव गृह के बाहर वीरवार को सुबह नौ बजे से ही मृतकों के परिजनों का जमघट लगना शुरू हो गया। पुलिस और डॉक्टरों के अलावा पीजीआईएमएस के निजी सुरक्षा गार्ड भी मौके पर तैनात रहे। यहां मृतकों के परिजनों के लिए कभी दस लाख की तो कभी 20 लाख तो कभी 25 लाख रुपये राहत राशि के साथ सरकारी नौकरी की मांग की गई। इसी बीच कर्मचारियों की यह भी मांग सामने आई कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाना चाहिए और बगैर सुरक्षा यंत्र के काम कराने वाले ठेकेदार व अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। धरना स्थल पर अधिकारियों की गिरफ्तारी को लेकर मांग लगातार जारी रही। हालांकि, उपायुक्त आरएस वर्मा बार-बार भीड़ को समझाते रहे कि प्रशासन व सरकार हर संभव पीड़ितों की मदद करेगी, इसके बावजूद स्थिति नियंत्रण में नहीं आई। मौके पर लोगों ने आरोप लगाया की घटना के 20 घंटे बाद भी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई है। इस मौके पर डॉ. बलवान, रामअवतार वाल्मीकि, एसडीएम राकेश, हरियाणा वाल्मीकि महासभा जिलाध्यक्ष राजेश बोहत आदि उपस्थित रहे।

अनिल सैनी का शव निकालने में हुई परेशानी
सबसे पहले अनिल सैनी के शव का पोस्टमार्टम हो गया था, शव को बाहर भी निकाला गया। लेकिन बाहर हंगामे के चलते उसे वापस अंदर ले जाया गया। जबकि अनिल सैनी के परिजन परेशान थे कि वह अपने शव को खराब नहीं होने देना चाहते। अंत में प्रशासन की मदद से शव को पीछे से निकलवाया गया और किसी को खबर नहीं होने दी गई।
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डीसी ने अधिकारियों की निलंबन की बात कही
दोपहर 12 बजे उपायुक्त आरएस वर्मा व डॉ. बलवान मौके पर पहुंचे और आधे घंटे के अंदर पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों के निलंबन की बात कही। इसके साथ ही मृतक के परिजनों को दस-दस लाख रुपये और डीसी रेट पर नौकरी दी जाएगी। इसके अलावा जो भी मांग है सरकार के पास भेज दी जाएगी। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस मामले में सीवरेज का कोई लेना-देना नहीं है और न ही ये सीवर की सफाई के लिए उतरे थे। यह रेन वाटर डिस्पोजल था और यह खाली था वह मोटर रिपेयर के लिए उतरे थे। इसमें बरसाती पानी आता है। आगे घटनाक्रम क्या हुआ, इसका जांच के बाद खुलासा होगा। इसके लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के अलावा मजिस्ट्रेट जांच हो रही है।

आश्वासन पूरा हो : विधायक शकुंतला
कलानौर विधायक शकुंतला खटक मौके पर पहुंचीं और उपायुक्त को कहा कि वह जो आश्वासन दे रहे हैं वह पूरा भी होना चाहिए। यहां उपायुक्त ने बताया कि सीवर वाली समस्या पूरे राज्य की है। व्यवस्था को बदलेंगे, यह भी एक मसला है। अधिकारी ने बताया कि इस मामले में राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर कमीशन के अधिकारी भी आए हैं। इसके अलावा मानवाधिकार आयोग भी इस मामले को देख रहा है। यहां शोरी कोठी निवासी धर्मेंद्र के समर्थकों ने कहा कि प्रशासन अपने अधिकारी को सीवर में उतार कर दिखा दे, यदि उसे कुछ होता है तो वह 20 लाख रुपये एकत्रित कर दे देंगे।

ऐसे चला घटनाक्रम
9:50 पर पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों की टीम पहुंची
11:05 पर अनिल सैनी का शव एंबुलेंस में बाहर निकाला गया, लेकिन हंगामे के बाद उसे दस ही मिनट में वापस शव गृह ले जाया गया
11:09 पर मृतक संजय की पत्नी को शव गृह के अंदर कागजी कार्रवाई के लिए ले जाया गया
11:44 पर एसडीएम राकेश कुमार व डीएसपी मौके पर पहुंचे
11:50 पर भाजपा नेता एवं सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन राम अवतार वाल्मीकि मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि वह चंडीगढ़ से सीधा आ रहे हैं। मंत्री, डीसी व एसपी भी मौके पर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि उपायुक्त से बात हो गई है कि आरोपियों पर जांच के बाद कार्रवाई होगी।
11:56 कांग्रेस नेता हेमंत बख्शी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से बात कर उन्हें सांत्वना दी
12:30 पर कैथल के अनिल का शव पीछे से निकलवा दिया गया
12:52 पर प्रशासन के खिलाफ लोगों ने नारेबाजी की
13.10 पर कांग्रेसी नेता राजेश बोहत मौके पर पहुंचे
14:00 पर आम आदमी पार्टी सुलतानपुरी के एमएलए संदीप व कांता आलड़िया मौके पर पहुंचे
14:30 पर सफाई कर्मचारी नेता सत्यवान सत्ते मौके पर पहुंचे
16:01 पर लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के किशन लाल पांचाल मौके पर पहुंचे और कहा कि वह अपनी जायज मांग रखें और दलालों से बचें।
16:10 पर शकुंतला खटक और पूर्व सीएम हुड्डा के परिवार से बिट्टू हुड्डा मौके पर पहुंचे
16:16 पर सत्यवान सत्ते कमेटी के साथ प्रशासन से बातचीत कर वापस लौटे और अधिकारियों से बातचीत का अंश बताया। इसमें जैसे ही सत्यवान ने उपायुक्त की घोषित घोषणाओं को दोहराया भीड़ में कुछ लोगों ने विरोध किया। भीड़ ने सवाल उठाया कि अधिकारी महज आश्वासन देते हैं बाद में कुछ नहीं होता। इसमें बताया गया कि सीएम से चर्चा होगी और पालिसी बनेगी, लेकिन किसी ने नहीं सुनी और आपस में विवाद हो गया। स्थिति यह थी कि सत्यवान सत्ते अलग समूह में नजर आए तो शकुंतला खटक और किशनलाल पांचाल व राजेश बोहत अलग समूह में।
16:33 पर एमडीयू छात्र एकता मंच से मनीषा व सुमित ने भीड़ के समक्ष सवाल उठाया कि बड़ी गाड़ी व सफेद कपड़ों वाले नेता यहां राजनीति करने आए हैं। सीवर में हर साल मौत होती है, लेकिन सुरक्षा मानक नहीं हैं। निजीकरण व ठेकाप्रथा का विरोध करना चाहिए।
16:53 पर संजय के शव को प्रशासन ने निकलवा दिया
17:11 को पालिका कॉलोनी के रणजीत का शव प्रशासन ने बाहर निकलवा दिया
18:00 बजे धर्मेंद्र के परिजनों ने शव लेने से मना किया और आंबेडकर चौक पर जाम लगाने चले गए। आंबेडकर चौक पर कुछ देर बैठकर परिजनों की मंत्रणा हुई और उन्होंने पीजीआईएमएस में आकर अपने मृतक का शव 18:55 पर ले लिया। इससे पहले प्रशासन ने मृतक की पत्नी को 30 हजार रुपये का चैक सौंपा।
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