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वाटर पंप ऑपरेटर सहित चार श्रमिकों की मौत मामले में जेई व इलेक्ट्रीशियन निलंबित

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रोहतक। पब्लिक हेल्थ वाटर डिस्पोजल पंप हादसे में पंप ऑपरेटर सहित चार श्रमिकों की मौत मामले में प्रशासन ने जेई और इलेक्ट्रीशियन को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा एसडीओ, कार्यकारी अभियंता व अधीक्षण अभियंता का निलंबन भी तय है। उपायुक्त आरएस वर्मा ने बताया कि चंडीगढ़ के शीर्ष अधिकारी दिल्ली में पीएम की बैठक में व्यस्त हैं। वह जैसे ही फ्री होंगे, इन तीनों के भी निलंबन के आदेश जारी हो जाएंगे। इस संबंध में उनकी पहले ही फोन पर शीर्ष अधिकारी से बात हो चुकी है।
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वीरवार को पीजीआईएमएस के शव गृह के बाहर चारों श्रमिकों के परिजनों को सांत्वना देने आए उपायुक्त आरएस वर्मा ने कहा कि इस घटनाक्रम में लापरवाही कहां हुई इसकी जांच हो रही है। पंप हाउस का टैंक खाली था, कर्मचारी वॉल्व पर काम करने गए थे। इस दौरान कहां से गैस और पानी आ गया, इसकी ही जांच होनी है। इसकी रिपोर्ट दो दिन के भीतर तैयार हो जाएगी। श्रमिकों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये राहत राशि व डीसी रेट पर नौकरी दी जाएगी। नियमित कर्मचारी अनिल सैनी को सरकार की पॉलिसी के हिसाब से राहत राशि मिलेगी। इसके अलावा पीड़ितों की शिकायत के आधार पर सभी पर एफआईआर हो चुकी है और उनकी शीर्ष अधिकारी से बात हो चुकी है, ये सभी निलंबित कर दिए जाएंगे। हालांकि, मौके पर कर्मचारियों ने कहा कि परिजनों को 20 लाख रुपये राहत राशि व सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। वहीं कुछ लोग परिजनों के लिए 25 लाख रुपये और सरकारी नौकरी की मांग कर रहे थे। वहीं मौके पर गुस्साई भीड़ ने पांचों की गिरफ्तारी की मांग की।

निलंबन की घोषणा होते ही अधिकारी खिसके
शव गृह के बाहर आक्रोशित भीड़ के समक्ष जैसे ही उपायुक्त ने पब्लिक हेल्थ के पांच लोगों के निलंबन की घोषणा की और जनता ने सभी की गिरफ्तारी का दबाव बनाया तो सीवर शाखा से जुडे़ सभी अधिकारी व कर्मचारी मौके से खिसक लिए। मैदान में सिर्फ पेयजल शाखा के अधिकारी ही मौजूद रहे। हालांकि, इससे पहले विभाग के अधिकारी व उनके करीबी भीड़ में जाकर पीड़ित परिजनों को समझाने में जुटे थे कि वह अपने मृतकों का शव लेकर जाएं और विधि-विधान से दाह संस्कार करें। इसके लिए प्रशासन की ओर से मृतकों की पत्नी के नाम पर 30-30 हजार का चेक भी दिया जा रहा था। कुछ विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों व अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए कहा कि वह अपनी जेब से भी उनकी मदद करेंगे।
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यह था मामला
पब्लिक हेल्थ के वाटर डिस्पोजल पंप में काम करते समय बुधवार सुबह जहरीली गैस के रिसाव से एक वाटर पंप ऑपरेटर सहित चार श्रमिकों की मौत हो गई थी। पंप हाउस से दो शव पहले निकाल लिए गए थे, जबकि दो शव 10 फीट पानी भरने से आठ घंटे की जद्दोजहद के बाद निकाले गए थे। मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ चंडीगढ़ से इंजीनियर इन चीफ भी मौके पर पहुंचे। इस मामले में शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस ने धर्मेंद्र के भाई प्रमेंद्र के बयान पर पब्लिक हेल्थ के एसई विशाल बंसल, एक्सईएन विजेंद्र हुड्डा, एसडीओ सुरजीत कुमार, जेई संदीप धनखड़ व इलेक्ट्रीशियन नीरज के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, एससी-एसटी एक्ट 3, प्रोहेबिटीशन ऑफ इम्पलॉइल एज मनूवल एससीवेंगर ऐंड देयर रिहेबिलेटिशियन एक्ट 2013 की धारा 7 और 9 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मृतकों में शोरा कोठी निवासी धर्मेंद्र (39), कैथल निवासी अनिल सैनी (35), पालिका कॉलोनी निवासी रणजीत (28), उत्तर प्रदेश ऊंचाहार के गांव आकौड़ियां निवासी संजय (30) शामिल थे।
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