रोहतक। सीआईए-1 की टीम ने ट्रैक्टर के इंजन व चेसिस नंबर बदलकर फर्जी आइडी पर डुप्लीकेट आरसी तैयार कर ट्रैक्टर को ऊंचे दाम पर बेचने वाले गिरोह का खुलासा किया है। गिरोह में शामिल छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह के गुर्गों से पूछताछ की जा रही है। अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है।
अपराध शाखा प्रथम निरीक्षक बिजेंद्र भंडारी ने बताया कि गांव गिगोरानी जिला सिरसा निवासी अनिल ने नरेश निवासी सैमाण, हरजीत निवासी मुसैली, खुशीराम, प्रहलाद व अन्य के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया ऑटो मार्केट फतेहाबाद में प्रत्येक रविवार ट्रैक्टरों के सेल-परचेज का खुला बाजार लगता है। ऑटो मार्केट में हरजीत निवासी मुसैली जिला फतेहाबाद की दुकान है। दस मार्च को हरजीत ने अपने साथी खुशीराम व प्रहलाद के साथ मिलकर अनिल निवासी गिगोरानी को एक ट्रैक्टर बेचा था। मौके पर ट्रैक्टर बेचने वाले नरेश व दिलबाग भी मौजूद थे। ट्रैक्टर का सौदा 5 लाख 90 हजार रुपये में तय हुआ। अनिल ने मौके पर ही बयाने के 50 हजार रुपये दे दिए और बाकी रुपये 14 मार्च को देने की बात हुई और ट्रैक्टर अपने साथ ले गया। आरसी पर ट्रैक्टर मालिक का नाम राजबीर निवासी बनवासा जिला सोनीपत अंकित था। ट्रैक्टर का रंग सफेद व ग्रे लिखा था। 18 मार्च को हरजीत अपने साथियों के साथ पैसे लेने अनिल के घर पहुंचा तो अनिल ने आरसी ठीक कराने के बाद बकाया रकम देने की बात कही। क्योंकि आरसी पर ट्रैक्टर का रंग अलग था। हरजीत व उसके साथी अनिल को धमकी देकर वापस आ गए। 23 मार्च को महम थाना पुलिस ने ट्रैक्टर चोरी के मामले में अनिल को उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस द्वारा अनिल से पूछताछ पर महम थाना में दर्ज ट्रैक्टर चोरी का मामला फर्जी पाया गया। अनिल को अदालत से डिस्चार्ज कराया गया।
हरजीत ने बदले थे इंजन और चेचिस नंबर
जांच में सामने आया कि विकास निवासी गांव खरकड़ा ने ट्रैक्टर को महम की एजेंसी से 1 लाख 70 हजार रुपये जमा करवाकर खरीदा था। विकास ने ट्रैक्टर अपने साथी गांव भैणी चन्द्रपाल निवासी राहुल को दे दिया। राहुल ने ट्रैक्टर 3 लाख 40 हजार रुपये में नरेश निवासी सैमाण को बेच दिया। नरेश ने उक्त ट्रैक्टर को हरजीत के पास फतेहाबाद भेज दिया। हरजीत ने ट्रैक्टर के इंजन नम्बर व चेसिस नम्बर बदल दिए। रामपाल निवासी महम ने फर्जी कागजातों के आधार पर ट्रैक्टर की डुप्लीकेट आरसी तैयार करवाई। ट्रैक्टर की आरसी गांव बनवासी जिला सोनीपत निवासी राजबीर पुत्र चन्द्रभान के नाम से बनाई गई। जांच करने पर पाया गया कि गांव बनवासी में इस नाम का कोई व्यक्ति रहना नहीं पाया गया। आरोपियों ने धोखाधड़ी कर तथा मिलीभगत से ट्रैक्टर को अनिल को 5 लाख 90 हजार रुपये में बेच दिया। सेल-परचेज में गवाह के तौर पर खुशीराम निवासी फतेहाबाद शामिल रहा। उसे कमीशन के तौर पर पांच हजार रुपये मिले। अनिल द्वारा आरसी की जांच करने पर आरोपियों के फर्जीवाडे़ का पता चला। अनिल ने आरसी ठीक कराने के बारे कहा तो आरोपियों ने अनिल को धमकी दी। अनिल पर दबाव बनाने के लिए विकास ने बीस मार्च को ट्रैक्टर चोरी का झूठा मुकदमा अनिल के खिलाफ थाना महम में दर्ज करवाया।
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इनको किया गया गिरफ्तार
सहायक उप निरीक्षक सुशील कुमार के नेतृत्व में सीआईए-1 की टीम ने मामले में शामिल रहे सैमाण निवासी नरेश व खरकड़ा निवासी विकास, फतेहाबाद निवासी खुशीराम, महम निवासी रामपाल, हरजीत, प्रहलाद को गिरफ्तार किया। आरोपी प्रहलाद को अदालत के आदेश पर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। बाकी को रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।