शॉप संचालक बिजली उपभोक्ताओं के करीब सवा दो लाख रुपये लेकर चंपत
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। एसडीओ-तृतीय के दफ्तर के नजदीक करीब एक साल से अवैध तरीके से संचालित अमूल ऑपरेटिंग प्राइवेट शॉप का संचालक सैकड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लाखों रुपये लेकर चंपत हो गया। आक्रोशित उपभोक्ताओं ने बुधवार को एसडीओ का घेराव करते हुए नारेबाजी की और अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया। उनका आरोप है कि दफ्तर के कर्मी ही ऑनलाइन बिल जमा कराने के लिए भेजते थे। मीटर रीडिंग कर्मियों का जमावड़ा रहता था। इससे एसडीओ और लोगों के बीच जमकर तकरार हुई। लोगों ने चेतावनी दी कि अगर उनका कनेक्शन काटा गया तो वह आंदोलन करेंगे। वहीं, एसडीओ ने सब्जी मंडी थाना पुलिस को 32 पीड़ितों की सूची देते हुए शिकायत दी है।
पुराना बस स्टैंड के नजदीक बिजली दफ्तर है, जिसमें एसडीओ तृतीय कृष्ण दलाल बैठते हैं। इस दफ्तर से बमुश्किल 90 मीटर दूर मार्केट में अमूल आपरेटिंग प्राइवेट के नाम से दुकान थी। जिसमें कार्यरत युवक करीब एक साल से बिजली उपभोक्ताओं का ऑनलाइन बिल जमा करते थे। पीड़ितों के अनुसार दुकान पर सिटीजन सर्विस सेंटर के साथ-साथ बिजली विभाग के कुछ नंबर लिखे थे। वह करीब एक साल से इस दुकान पर बिल जमा करवा रहे थे, जिसका भुगतान वह ऑनलाइन बिजली विभाग में जमा करवाता था। लोगों ने आरोप लगाया कि जब भी वह एसडीओ दफ्तर पर बने केंद्र पर बिल जमा करवाने के लिए जाते तो वहां से अमूल दुकान पर भेज दिया जाता। चूंकि जमा कराए गए बिल का समायोजन अगले बिल में होकर आ जाता था, इसलिए पता नहीं चल सका कि वह अवैध रूप से चल रहा है। पीड़ितों ने बताया कि दिसंबर माह में जब बिल मिला जिसमें पिछले जमा हुआ बिल बकाया लिखा मिला। जब वह बिल लेकर एसडीओ कार्यालय आए तो उन्हें बताया गया कि बिल जमा नहीं हुआ है। किसी फर्जी जगह पर बिल जमा करवाया गया है, जिसके लिए विभाग जिम्मेदार नहीं है। इस बात को सुनकर एकत्रित उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट गया। उन्होंने एसडीओ कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी करते हुए बिजली निगम कर्मियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया। इसके बाद गुस्साए लोगों ने एसडीओ को कार्यालय में घेरकर नारेबाजी शुरू कर दी। जब पीड़ित उपभोक्ताओं ने मिलीभगत का आरोप लगाया तो उनकी और एसडीओ की जमकर तकरार हो गई। इस दरमियान वहां आए अन्य कर्मियों ने समझाबुझाकर लोगों को शांत करके समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। गुस्साए लोगों ने कहा कि अब वह बिल जमा नहीं करवाएं। जमा की गई धनराशि की राहत दी जाए। एलान किया कि यदि कनेक्शन काटा गया तो वह किसी भी हद तक जा सकते हैं क्योंकि उनके साथ धोखाधड़ी मिलीभगत से हुई है।
वहीं एसडीओ कृष्ण दलाल का तर्क था कि वह क्यों इधर-उधर की दुकानों के बारे में जानकारी करेंगे। दुकानों पर क्या चल रहा है और क्या काम हो रहा है, इससे मुझे कोई मतलब नहीं। अब क्या मैं यही पता करता रहूं कि आसपास की दुकान में कौन क्या काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की शिकायत लेकर रिपोर्ट दर्ज करवाई जा रही है। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करके जब बिल जमा करवाएगी तब पीड़ितों को राहत मिलेगी। फिलहाल विभाग बकाया के बिल भेजेगा और जमा नहीं होने पर कनेक्शन भी काटे जाएंगे।
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एसडीओ-तृतीय में आते हैं ये क्षेत्र
एचएसआईडीसी, आईडीसी, सैनिक कालोनी, जेपी कालोनी, कुताना गांव, इंदिरा कालोनी, किला रोड, रेलवे रोड, हनुमान कालोनी, खोखरा कोट, नेहरू कालोनी, रैनकपुरा, केवल गंज आदि हैं। माना जा रहा है कि इन क्षेत्रों के तमाम उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी हुई है।
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इन पीड़ितों ने एसडीओ से लिखत में शिकायत की
अशोक कुमार, सुरेश सिंह, अमरनाथ, मंजीत सिंह, श्यामलाल, सुनील, शाम लाल, सुरेंद्र, गजराज, जिले सिंह, जसवंत सिंह, कंवर सिंह, केसी गुप्ता, कश्मीरी लाल, किशनलाल, ओमप्रकाश, सुख सिंह, गुरमीत सिंह, राज कुमार, हरियाऊ सिंह, सत्यभान, राजेंद्र पाल, कविता शुक्ला, किशनलाल, गुरमीत सिंह, राज कुमार, दरियाव सिंह, सत्यवान, नाथूराम आदि हैं।
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एसडीओ ने दर्ज की 2.11 लाख की धोखाधड़ी की रिपोर्ट
एसडीओ कृष्ण दलाल ने थाना पुलिस को शिकायत देते हुए बताया कि आफिस के नजदीक ही अमूल आपरेटिंग प्राइवेट शाप का संचालन किया जा रहा था। संचालन ने बिजली निगम के खाते में बिजली का बिल जमा नहीं किया है जबकि उसने बिल की नगद राशि उपभोक्ताओं से ली है। यह व्यक्ति ई-पे के माध्यम से बिल जमा करवाता था, जिसकी रसीद अमूल टूर ट्रैवल्स शॉप नंबर 145 न्यू शॉपिंग कॉम्पलेक्स के नाम से काटकर देता था। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता सुरेश कुमार से 40280, अशोेक कुमार से 4653, कविता 527, मनजीत 2131, श्याम लाल 17709, सुनील 1566, श्याम लाल 1363, सुरेंद्र 3673, गजराज 2682, जिले सिंह 6044, कंवर सिंह 3818, केसी गुप्ता 3893, कश्मीरी 19112, कृष्ण 5722, ओमप्रकाश 16441, सुक्का सिंह 1141, कविता 1319, कृष्ण लाल 1461, गुरमीत 1421, राज कुमार 888, राज कुमार 1064, दरयाव सिंह 3127, सत्यवान 733, राजेंद्र 1403, रामधारी 18029, सुरेश 14721, अमरजीत 4059, चंदर 4273, राजबीर 2134, सियाराम 823, राकेश 17039, सुरेश 8489 के साथ धोखाधड़ी की गई है। इन लोगों से बिजली विभाग के बिल जमा कराने का झांसा देकर रुपये हड़पे गए हैं।