अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
शहर के मेन बाजार स्थित बिजली की दुकान चलाने वाले दुकानदार ने फाइनेंसरों के दबाव में कर्ज से परेशान होकर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। गंभीर अवस्था में परिजन उसे शहर के निजी अस्पताल में ले गए। मगर हालत में सुधार न होने पर दिल्ली ले जाया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की। साथ ही स्थानीय पुलिस को भी अवगत कराया।
मेन बाजार में बिजली की दुकान चलाने वाला राकेश गुप्ता उर्फ मुन्ना काफी दिनों से परेशान चल रहा था। बताया गया है कि कई लोगों ने उससे भारी रकम लेकर लौटाई नहीं। कई जानकार भी इसमें शामिल थे। विश्वास के चलते मुन्ना ने ब्याज पर रकम उठाकर अपने नजदीकियों व दोस्तों को दे दी। अब पिछले कई दिनों से फाइनेंसर व अन्य दंबग लोग उस पर पैसे के लिए दबाव बना रहे थे। बताया गया है कि दो दिन पहले कुछ पहलवान भी मुन्ना की दुकान पर पहुंचे थे और उसे अंजाम भुगतने की चेतावनी दी थी। इसके बाद से ही वह ज्यादा तनाव में था। परिजनों की मानें तो इसी दबाव में शनिवार को उसने किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। अचानक तबीयत बिगड़ती देखकर वे तुरंत उसे इलाज के लिए आरजे अस्पताल लेकर गए जहां इलाज के दौरान तबीयत में सुधार नहीं दिखा तो परिजन उसे दिल्ली के महाराजा अग्रसेन अस्पताल में लेकर गए जहां उसने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस जहां पहले आरजे अस्पताल में ब्यान के लिए पहुंची थी, लेकिन गंभीर हालत के कारण वह ब्यान देने की स्थिति में नहीं था। अब मामला दिल्ली पुलिस का होने के कारण पोस्टमार्टम की कार्रवाई दिल्ली में होगी। इसके बाद शव को परिजनों के हवाले किया जाएगा।
फाइनेंसरों के दबाव से दुकानदार ने निगला जहर, मौत