रोहतक। गरीब रथ एक्सप्रेस में डकैती डालने वाले डकैतों को ट्रांजिट रिमांड पर लेने के लिए रोहतक जीआरपी ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिसके चलते कोर्ट में आवेदन कर दिया गया है। डकैतों को रिमांड पर लेकर जीआरपी यात्रियों से लूटे गए माल की बरामदगी करेगी। इसके अलावा डकैती में शामिल बदमाशों के साथ-साथ आश्रय देने वालों के बारे में पूछताछ करेगी। बताते चलें कि ट्रेन में डकैती डालने वाले तीन डकैतों को पिछले दिनों सहारनपुर जीआरपी ने मुठभेड़ में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था।
23 जनवरी को रोहतक से चंडीगढ़ जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस में मकड़ौली रेलवे क्रॉसिंग के पास चेन पुलिंग करके डकैतों ने एक कोच में डकैती डाली। तभी से हरियाणा जीआरपी की टीमें डकैतों की तलाश में जुटी थी। कुछ दिन पहले सहारनपुर जीआरपी ने मुठभेड़ के दौरान कर्ण, जय नारायण उर्फ नितिन गुल्लर और करन को दबोच लिया था। पूछताछ में डकैतों ने खुलासा किया कि रोहतक में गरीब रथ एक्सप्रेस के अंदर डकैती उन्होंने अपने साथियों के साथ डाली थी। डकैती में सात लोग शामिल थे, जिनमें से कुंदन भी पहले ही गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है। वहीं, मुठभेड़ के दौरान मौका पाकर विकास, अजय और कन्हैया भाग निकले थे। ट्रेन के अंदर डकैती डालने वाले डकैतों के पकड़ने जाने की सूचना पर जीआरपी सीआईए टीम ने सहारनपुर में जाकर पूछताछ की। तब खुलासा पता चला कि डकैती डालने के बाद सभी डकैत रोहतक-पानीपत बाईपास पर खड़ी इंडिका कार से भागे थे। पुलिस को चकमा देने के लिए दिनभर रोहतक में रुके और रात को शहर छोड़ दिया।
ट्रांजिट रिमांड पर लेने के बाद डकैतों से वारदात को लेकर पूछताछ की जाएगी। लूटे गए माल की बरामदगी के भी प्रयास होंगे। यह भी जानकारी हासिल की जाएगी कि वारदात को अंजाम देने के बाद वह कैसे भागे और कहां-कहां आश्रय लेकर छुपे। - स्नेही राज, प्रबंधक, जीआरपी थाना